Uttarakhand Political Crisis: 20 साल का राज्य, दो बार पूर्ण बहुमत वाली भाजपा आज सांतवां, यूं दसवा सीएम देने जा रही

Uttarakhand Political Crisis देहरादून : 115 दिनों तक मुख्यमंत्री रहने के बाद अचानक तीरथ सिंह रावत (Tirath Singh Rawat) ने इस्तीफा देकर प्रदेश में दसवें मुख्यमंत्री का रास्ता साफ कर दिया है. त्रिवेंद्र सिंह रावत (Triwendra Singh Rawat) के बाद मुख्यमंत्री बने तीरथ के कार्यकाल पूरी करने की उम्मीद थी. तीरथ के इस्तीफे पर त्रिवेंद्र ने कहा कि प्रदेश में संवैधानिक संकटों के कारण तीरथ सिंह को इस्तीफा देना पड़ा. बुधवार को पार्टी आलाकमान के बुलावे पर तीरथ दिल्ली गये थे और उसके बाद उन्होंने शुक्रवार देर रात अपना इस्तीफा राज्यपाल को सौंप दिया.

Uttarakhand Political Crisis देहरादून : 115 दिनों तक मुख्यमंत्री रहने के बाद अचानक तीरथ सिंह रावत (Tirath Singh Rawat) ने इस्तीफा देकर प्रदेश में दसवें मुख्यमंत्री का रास्ता साफ कर दिया है. त्रिवेंद्र सिंह रावत (Triwendra Singh Rawat) के बाद मुख्यमंत्री बने तीरथ के कार्यकाल पूरी करने की उम्मीद थी. तीरथ के इस्तीफे पर त्रिवेंद्र ने कहा कि प्रदेश में संवैधानिक संकटों के कारण तीरथ सिंह को इस्तीफा देना पड़ा. बुधवार को पार्टी आलाकमान के बुलावे पर तीरथ दिल्ली गये थे और उसके बाद उन्होंने शुक्रवार देर रात अपना इस्तीफा राज्यपाल को सौंप दिया.

आज दोपहर तीन बजे से देहरादून पार्टी मुख्यालय में विधायक दल की बैठक में नया मुख्यमंत्री चुन लिया जायेगा. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक आज ही विधायक दल का नेता चुन लिया जायेगा और रात-रात तक मुख्यमंत्री पद का शपथग्रहण भी हो जायेगा. केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर बतौर पर्यवेक्षक बैठक में मौजूद रहेंगे. मतलब आज उत्तराखंड को 10वां मुख्यमंत्री मिल सकता है.

2000 में उत्तराखंड को राज्य का दर्जा मिला उत्तराखंड में इन बीस सालों में दो बार भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार रही है. दो कार्यकाल में भाजपा ने प्रदेश को छह मुख्यमंत्री दिये. आज भाजपा के सातवें मुख्यमंत्री पर फैसला होने वाला है. प्रदेश में अब तक कुल नौ लोग मुख्यमंत्री बने. आज दसवें मुख्यमंत्री का चयन होने जा रहा है. राज्य के पहले मुख्यमंत्री भाजपा के नित्यानन्द स्वामी थे.

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इसके बाद महाराष्ट्र के मौजूदा राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने भी दूसरे मुख्यमंत्री के रूप में प्रदेश की कमान संभाली. इसके बाद सत्ता में कांग्रेस आयी. कांग्रेस ने पूरे पांच साल के लिए प्रदेश को नारायण दत्त तिवारी के रूप में एक मुख्यमंत्री दिया. इसके बाद अगले विधानसभा चुनाव में फिर भाजपा ने बाजी मारी और भुवन चंद्र खंडूरी को मुख्यमंत्री बनाया. इनका कार्यकाल 839 दिनों का रहा.

इसके बाद खंडूरी को गद्दी से उतारकर भाजपा ने मौजूदा केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक को मुख्यमंत्री बनाया गया. 808 दिनों तक निशंक मुख्यमंत्री रहे और फिर से एक बार खंडूरी को मुख्यमंत्री बना दिया गया. इसके बाद फिर कांग्रेस सत्ता में आयी और विजय बहुगाणा और हरीश रावत मुख्यमंत्री रहे इस कार्यकाल में प्रदेश को दो बार राष्ट्रपति शासन का भी सामना करना पड़ा.

बाद में 2017 में फिर से भाजपा सत्ता में आयी. भाजपा ने त्रिवेंद्र सिंह रावत को राज्य की कमान सौंपी. लेकिन त्रिवेंद्र के कुछ फैसलों से नाराज पार्टी ने उन्हें हटाकर तीरथ सिंह रावत को राज्य का मुख्यमंत्री बना दिया. अब 115 दिन के बाद तीरथ ने भी मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है. आज होने वाली बैठक में पार्टी के विधायक निर्णय लेंगे कि अगला मुख्यमंत्री कौन होगा. अगर त्रिवेंद्र दुबारा मुख्यमंत्री बनते हैं तो वे प्रदेश के मुख्यमंत्री रहने वाले नौवें शख्स होंगे.

Posted By: Amlesh Nandan.

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