US Presidential Election: कमला हैरिस की जीत के लिए तमिलनाडु में विशेष पूजा अर्चना

US Presidential Election: अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार कमला हैरिस की जीत के लिए मंगलवार को तमिलनाडु में उनके पैतृक गांव के एक मंदिर में चंदन और हल्दी से विशेष अभिषेक और खास तरह की पूजा-अर्चना की गई.

US Presidential Election: अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के लिए कमला हैरिस के पैतृक गांव के लोगों ने खास मन्नत भी रखी है. स्थानीय पार्षद अरुलमोझी ने बताया, अगर हैरिस जीतती हैं तो गांव के नेता ‘अन्नदान’ का आयोजन करेंगे. चुनाव के बीच हैरिस के तीन प्रशंसक उनके ननिहाल पहुंचे और प्रार्थना में शामिल हुए. तीन प्रशंसकों में से एक ब्रिटेन से जबकि दो अन्य अमेरिका से यहां थुलसेंद्रपुरम पहुंचे, जिन्हें देखकर स्थानीय लोग हैरान हो गये. वे गांव के बुजुर्गों से मिले और हैरिस की जीत के लिए मंदिर में आयोजित पूजा में भी हिस्सा लिया.

प्रशंसक ने कमला की जीत की उम्मीद जताई

एक प्रशंसक ने कहा, मैं लास वेगास से हूं और क्योंकि मैं भारत में हूं, इसलिए यहां कमला के नाना-नानी के गांव में उनका समर्थन करने आई हूं. प्रशंसक ने कमला की जीत की उम्मीद जताई.

Also Read: Pakistan News : डोनाल्ड ट्रंप को राष्ट्रपति बनते देखना चाहते हैं इमरान खान के समर्थक, जानें क्यों

गांववालों में हैरिस के राष्ट्रपति बनने की उम्मीद

गांववालों ने हैरिस के पैतृक गांव में स्थित श्री धर्म संस्था मंदिर में प्रार्थना की और उम्मीद जताई कि वह पूर्व राष्ट्रपति और रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप को हराकर राष्ट्रपति बनेंगी. थुलसेंद्रपुरम कमला के नाना और पूर्व भारतीय राजनयिक पीवी गोपालन का पैतृक गांव है. कमला की मां श्यामला गोपालन की बेटी थीं.

कमला हैरिस को पहले ही मिली जीत की शुभकामनाएं

अगस्त 2020 में यह गांव उस समय सुर्खियों में आया था जब कमला को उपराष्ट्रपति पद के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी का उम्मीदवार घोषित किया गया था और बाद में उसी साल इस गांव में उनकी जीत का जश्न मनाया गया. ग्रामीणों ने एक बड़ा बैनर भी लगाया है जिसपर कमला की तस्वीर है. इस बैनर पर कमला को जीत के लिए शुभकामनाएं दी गयी हैं. कमला के नाना गोपालन का जन्म इसी गांव में हुआ था. उन्होंने श्री धर्म संस्था मंदिर को करीब एक लाख रुपए का दान दिया था.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >