बॉर्डर पर हिंसा भड़कने पर आपस में भिड़े असम-मिजोरम के सीएम, अमित शाह ने सीमा विवाद सुलझाने की दी नसीहत

समाचार एजेंसी एएनआई के एक ट्वीट के अनुसार, गृह मंत्री अमित शाह ने असम और मिजोरम के मुख्यमंत्रियों से बात की और उन्हें सीमा विवाद सुलझाने को कहा. दोनों मुख्यमंत्रियों ने विवाद सुलझाने पर सहमति जताई और शांति बहाल करने का भरोसा दिया.

नई दिल्ली : पूर्वोत्तर भारत के असम-मिजोरम की सीमा पर सोमवार को हिंसा भड़कने के बाद इन दोनों राज्यों के मुख्यमंत्री आपस में ही भिड़ गए. हिंसा मामले को लेकर दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों की काफी देर तक ट्विटर पर नोकझोंक होने के बाद आखिर में मिजोरम के मुख्यमंत्री जोरामथंगा ने गृह मंत्री अमित शाह से हस्तक्षेप करने की मांग की. उनकी इस मांग पर गृह मंत्री शाह ने दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों से आपस में ही सीमा विवाद सुलझाने की नसीहत दी.

समाचार एजेंसी एएनआई के एक ट्वीट के अनुसार, गृह मंत्री अमित शाह ने असम और मिजोरम के मुख्यमंत्रियों से बात की और उन्हें सीमा विवाद सुलझाने को कहा. दोनों मुख्यमंत्रियों ने विवाद सुलझाने पर सहमति जताई और शांति बहाल करने का भरोसा दिया. सूत्रों के हवाले से एएनआई के ट्वीट में कहा गया है कि दोनों राज्यों की पुलिस विवादित स्थल से वापस लौट गई है.

बता दें कि सोमवार को असम-मिजोरम की सीमा पर अचानक हिंसा भड़क गई. मीडिया की खबरों के अनुसार, असम-मिजोरम की सीमा पर असम के सुरक्षा बलों और मिजोरम के नागरिकों के बीच झड़प हो गई. इस बीच, सरकारी वाहनों पर हमले और फायरिंग की भी खबर है. इस खबर के बाद सीमा विवाद को लेकर असम-मिजोरम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और जोरामथंगा के बीच बहस शुरू हो गई.

इसी दौरान मिजोरम के मुख्यमंत्री जोरामथंगा ने ट्विटर पर पुलिस और नागरिकों के बीच झड़प का एक वीड‍ियो ट्वीट करते हुए गृह मंत्री अमित शाह को टैग करते हुए अनुरोध किया कि इस मामले पर तुरंत कोई कार्रवाई करें. इसमें उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय को भी टैग किया. सूत्रों के अनुसार, मिजोरम के मुख्यमंत्री के ट्वीट के बाद गृह मंत्री अमित शाह ने दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बात की और इस विवाद को आपस में ही सुलझाने की नसीहत दी.

असम के सीएम ने किया ट्वीट

सोमवार को सबसे पहले असम पुलिस ने आरोप लगाते हुए कहा, ‘यह दुर्भाग्‍यपूर्ण है कि मिजोरम से कुछ असामाजिक तत्‍व असम के सरकारी अधिकारियों पर पथराव कर रहे हैं. ये अधिकारी लैलापुर में असम की जमीन की अतिक्रमण से रक्षा करने के लिए तैनात हैं.’ इसके बाद असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्‍वा शर्मा ने मिजोरम के अपने समकक्ष को ट्वीट किया, ‘माननीय जोरामथंगा जी, कोलासिब (मिजोरम) के एसपी ने हमसे कहा है कि जब तक हम अपनी पोस्ट से पीछे नहीं हट जाते तब तक उनके नागरिक सुनेंगे नहीं और हिंसा नहीं रोकेंगे. ऐसे हालात में सरकार कैसे चला सकते हैं?’ इसके बाद उन्‍होंने अमित शाह और प्रधानमंत्री कार्यालय को टैग करते हुए लिखा है, ‘आशा है कि आप जल्‍द से जल्‍द दखल देंगे.’


हिमंत के जोरामथंगा ने किया ट्वीट

हिमंत बिस्वा सरमा के ट्वीट के बाद जोरामथंगा ने जवाबी ट्वीट करते हुए लिखा, ‘हिमंता जी, माननीय श्री अमित शाह जी ने दोनों मुख्‍यमंत्रियों की सौहार्दपूर्ण बैठक कराई थी. उसके बाद आश्‍चर्यजनक रूप से आज मिजोरम में वेरिंगटे ऑटो रिक्‍शा स्‍टैंड के पास असम पुलिस की दो कंपनियां नागरिकों के साथ आईं और वहां मौजूद नागरिकों पर आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठी चार्ज किया. उन्‍होंने सीआरपीएफ और मिजोरम पुलिस के जवानों को भी भगा दिया.’


क्या है असली मामला?

गौरतलब है कि असम और मिजोरम के बीच सीमा को लेकर विवाद उस समय उठ खड़ा हुआ, जब असम पुलिस की ओर से अपनी जमीन पर कथित तौर अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू किया गया. मीडिया की खबरों के अनुसार, बीती 10 जुलाई को असम सरकार की एक टीम मौके पर गई, तो कुछ अज्ञात लोगों ने टीम पर आईईडी से हमला कर दिया. इसके साथ ही, रविवार की देर रात असम-मिजोरम की सीमा पर अज्ञात लोगों ने किसानों की आठ झोपड़ियां जला दीं, जिससे वहां पर तनाव पैदा हो गया.

क्या कहती है मिजोरम पुलिस?

मिजोरम के पुलिस महानिरीक्षक (उत्तरी रेंज) लालबियाकथांगा खियांगते ने मीडिया को बताया कि विवादित इलाके में रविवार की देर रात करीब 11.30 बजे ऐटलांग नदी के पास आठ झोपड़ियों में आग लगा दी गई. हालांकि, घटना के समय इन झोपड़ियों के कोई मौजूद नहीं था. उन्होंने कहा कि ऐटलांग नदी के पास ये झोपड़ियां असम के सीमावर्ती गांव वायरेंगटे के किसानों की है. उन्होंने कहा कि किसानों की शिकायत पर वायरेंगटे थाने में मामला दर्ज करने के बाद जांच शुरू कर दी गई है.

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Posted by : Vishwat Sen

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