क्या बीजेपी के साथ फिर जाएंगे उद्धव ठाकरे? फ्लाइट में फडणवीस से हुई मुलाकात के बाद उठे सवाल

देवेंद्र फडणवीस और उद्धव ठाकरे की अचानक मुलाकात हो गई. दोनों नेता एक दूसरे में आमने-सामने आए गए. नीचे पढ़ें फडणवीस ने इस मुलाकात के दौरान क्या कहा? सोशल मीडिया में इस बात की अटकलें लग रहीं हैं कि बीजेपी के साथ ठाकरे की शिवसेना फिर हाथ मिला सकती है.

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उनके राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी उद्धव ठाकरे शुक्रवार (26 जून) को मुंबई से नागपुर जाने वाली एक ही इंडिगो फ्लाइट में सफर करते नजर आए. उद्धव ठाकरे के साथ उनके बेटे आदित्य ठाकरे, राज्यसभा सांसद संजय राउत और शिवसेना (यूबीटी) के कई वरिष्ठ नेता भी फ्लाइट में मौजूद थे. सभी नेता मुंबई से नागपुर के लिए एक साथ रवाना हुए. इसी बीच फ्लाइट में देवेंद्र फडणवीस और उद्धव ठाकरे की मुलाकात हुई. दोनों नेताओं ने हाथ मिलाया और कुछ देर बातचीत भी की.

देवेंद्र फडणवीस ने क्या कहा मुलाकात को लेकर

देवेंद्र फडणवीस ने मजाकिया अंदाज में कहा कि आज की सबसे बड़ी खबर यही है कि हम तीनों एक साथ मिले हैं. उनके इस बयान के बाद वहां मौजूद लोगों के बीच भी हल्की मुस्कान और चर्चा का माहौल बन गया. यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब शिवसेना (यूबीटी) के छह सांसद हाल ही में पार्टी छोड़ चुके हैं. वहीं, उद्धव ठाकरे भी जल्द ही उन क्षेत्रों का दौरा करने वाले हैं, जहां से ये सांसद जुड़े रहे हैं. ऐसे में फडणवीस और ठाकरे की यह मुलाकात राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई है.

बीजेपी ने तुरंत सफाई देते हुए क्या कहा?

इस मुलाकात को लेकर शुरू हुई राजनीतिक चर्चाओं पर बीजेपी ने तुरंत सफाई दी. महायुति सरकार का नेतृत्व कर रही बीजेपी के एमएलसी प्रसाद लाड ने कहा कि उन्हें इस बात पर ज्यादा हैरानी हुई कि उद्धव ठाकरे ने सामान्य कमर्शियल फ्लाइट से सफर किया. उनके मुताबिक, दोनों नेताओं का एक ही फ्लाइट में होना कोई बड़ी राजनीतिक घटना नहीं है. उन्होंने कहा कि फडणवीस का मुंबई और नागपुर के बीच विमान से नियमित यात्रा करना सामान्य बात है, इसलिए इस यात्रा को लेकर किसी तरह की हैरानी नहीं होनी चाहिए.

यह भी पढ़ें : शिंदे गुट में शामिल हुए 6 सांसद: शिवसेना (UBT) नेताओं ने फिर खटखटाया लोकसभा अध्यक्ष का दरवाजा

लाड ने आगे कहा कि राजनीतिक प्रतिस्पर्धा का मतलब यह नहीं है कि नेता दुश्मन बन जाते हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि भले ही वे राजनीतिक विरोधी हों, लेकिन उनके बीच शत्रुता नहीं है और समय-समय पर सौहार्दपूर्ण बातचीत भी होती रहती है. उन्होंने यह भी याद दिलाया कि बीजेपी और शिवसेना (UBT) के बीच तनाव के बावजूद उद्धव ठाकरे अपने परिवार के साथ उनकी बेटी की शादी में शामिल हुए थे, जो व्यक्तिगत संबंधों में सौहार्द का संकेत देता है.

सोशल मीडिया यूजर ने किया ये सवाल?

सोशल मीडिया यूजर मुलाकात की तस्वीर शेयर करके सवाल पूछते नजर आ रहे हैं. Gaurav Singh Sengar नाम के यूजर ने एक्स पर लिखा कि महाराष्ट्र- संयोग या प्रयोग…CM देवेंद्र फड़नवीस और टीम उद्धव आज एक ही फ्लाइट से मुंबई से नागपुर गए , फड़नवीस PM की अपील के बाद से कॉमर्शियल फ्लाइट से यात्रा कर रहें हैं. पार्टी दरकने के बाद उद्धव टीम के साथ मुंबई से निकले हैं. बागी सांसदों के क्षेत्र में संवाद करेंगे. उद्धव , आदित्य आज चार्टर्ड छोड़ इंडिगो में सवार हुए. फोटो वायरल होने के बाद चर्चा ये यात्रा क्या गुल खिलाएगी वक्त बताएगा !!

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >