आप छोड़ने वाले राज्यसभा सांसद संदीप पाठक पर दो FIR, बीजेपी ने बताया बदले की राजनीति

Sandeep Pathak : राघव चड्डा के नेतृत्व में सात सांसदों ने आम आदमी पार्टी छोड़ दी थी. राज्यसभा में आप के 10 सांसद थे, जिनमें से 7 ने पार्टी छोड़ दी, जिससे आप को भारी झटका लगा. आप ने इसे ऑपरेशन लोटस बताया था.

Sandeep Pathak : पंजाब से राज्यसभा सांसद संदीप पाठक ने 24 अप्रैल को आम आदमी पार्टी छोड़कर बीजेपी का दामन थामा था और अब उनके खिलाफ दो एफआईआर दर्ज की गई हैं. संदीप पाठक ने राघव चड्डा के साथ ही आम आदमी पार्टी छोड़ी थी. जानकारी के अनुसार एफआईआर गैर जमानती धाराओं के तहत दर्ज की गई है.

बीजेपी का आरोप बदले की राजनीति कर रहे हैं अरविंद केजरीवाल

पंजाब पुलिस द्वारा राज्यसभा सांसद संदीप पाठक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की घटना पर बीजेपी की ओर से यह दावा किया गया है कि आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल बदले की राजनीति कर रहे हैं. बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर एक पोस्ट में दावा किया कि केजरीवाल राजनीतिक प्रतियोगियों को निपटाने के लिए पंजाब पुलिस का दुरुपयोग कर रहे हैं. पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान भी इसमें उनके सहायक हैं. पूनावाला ने लिखा है कि संदीप पाठक के खिलाफ दो प्राथमिकी दर्ज की गई हैं, जो कुछ समय पहले तक आप के ही सदस्य थे. इससे स्पष्ट है कि अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान बदले की राजनीति कर रहे हैं.

राजनीतिक विरोधियों को बर्दाश्त नहीं करते हैं केजरीवाल

शहजाद पूनावाला ने सवाल पूछा है कि अगर ये मामले शुरू से मौजूद थे, तो प्राथमिकी पहले क्यों दर्ज नहीं की गई? अगर संदीप पाठक भ्रष्ट थे, तो उन्हें इतने लंबे समय तक पार्टी में क्यों रखा गया? क्या पिछले कुछ दिनों में कोई नई जानकारी सामने आई है या कथित भ्रष्टाचार अभी हुआ है? उन्होंने आरोप लगाया कि केजरीवाल को राजनीतिक विरोधियों और असंतुष्टों को निशाना बनाने की पुरानी आदत है. यही वजह है कि आप के कई वरिष्ठ नेता पार्टी छोड़कर जा चुके हैं या जा रहे हैं.

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By Rajneesh Anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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