नयी दिल्ली : ट्विटर के प्रवक्ता ने कहा है कि भारत में लागू कानूनों का पालन करने का ट्विटर प्रयास करता है. साथ ही कहा है कि ”हम पारदर्शिता के सिद्धांतों, सेवा में हर आवाज को सशक्त बनाने की प्रतिबद्धता और भारतीय कानून के तहत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और गोपनीयता की रक्षा के लिए कड़ाई से निर्देशित हैं.
मालूम हो कि इससे पहले सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता अमित आचार्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को सूचना प्रौद्योगिकी नियम-2021 के साथ ट्विटर इंक द्वारा अनुपालन नहीं किये जाने के खिलाफ एक याचिका पर नोटिस जारी किया.
याचिका में कहा गया है कि नये आई नियम-2021 के मुताबिक, ट्विटर एक महत्वपूर्ण सोशल मीडिया इंटरमीडियरी है. इसलिए नये नियमों के प्रावधानों के मुताबिक वैधानिक कर्तव्यों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए. अदालत ने सुनवाई करते हुए कहा कि अगर नियमों पर रोक नहीं लगायी गयी है, तो उनका पालन करना होगा.
साथ ही याचिका में आरोप लगाया गया है कि पूर्व के नियमों के मुताबिक, एसएसएमआई को एक रेजिडेंट शिकायत अधिकारी नियुक्त करना होगा, जो सोशल साइट पर पीड़ित उपभोक्ता की शिकायतों का निवारण और निबटान के लिए जिम्मेदार होगा.
अदालत ने ट्विटर को तीन सप्ताह का समय देते हुए मामले की सुनवाई छह जुलाई की तारीख तय कर दी. याचिकाकर्ता ने कहा है कि नियमों का पालन नहीं करने पर ट्विटर इंडिया और ट्विटर इंक ऐसे अधिकारी को नियुक्त करने में विफल रहे हैं.
मालूम हो कि बीते दिनों भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा के एक ट्वीट पर ट्विटर ने टिप्पणी करते हुए उसे ‘मैनिपुलेटेड मीडिया’ बताया था. इसके बाद इसे टूलकिट नाम दिया गया. धीरे-धीरे विवाद इतना ज्यादा बढ़ गया कि दिल्ली पुलिस को ट्विटर के खिलाफ नोटिस जारी करना पड़ा था.
