नयी दिल्ली : केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि देश में कोविड-19 की दूसरी लहर अभी खत्म नहीं हुई है. साथ ही कहा कि आठ राज्यों में प्रजनन (R) संख्या अधिक है. इसलिए इन राज्यों में नियंत्रण की विशेष जरूरत है.
देश में कोरोना की स्थिति पर संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि जब भी ‘आर’ संख्या एक से ऊपर होती है, तो इसका मतलब है कि मामले बढ़ रहे हैं. इसे नियंत्रित करने की जरूरत है.
न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि इन आठ राज्यों में हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लक्षद्वीप, तमिलनाडु, मिजोरम, कर्नाटक, पुडुचेरी और केरल शामिल हैं. उन्होंने कहा कि ”अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और भारत में औसतन 1.2 ‘आर’ संख्या है. इसका मतलब है कि एक संक्रमित व्यक्ति एक से अधिक लोगों को संक्रमित कर रहा है.
भारत के 8 राज्यों में ‘आर’ संख्या अधिक है. प्रजनन दर का उपयोग कर विकास दर और सक्रिय मामलों का भी आकलन किया जाता है. यह पूरे संक्रामक अवधि के दौरान एक संक्रमित व्यक्ति द्वारा उत्पन्न नये संक्रमणों की औसत संख्या है.”
उन्होंने कहा, ”जब भी ‘आर’ संख्या एक से अधिक होती है, तो इसका आशय है कि मामले की गति बढ़ रही है और इसे नियंत्रित करने की जरूरत है.” लव अग्रवाल ने कहा कि दुनिया भर में बड़ी संख्या में कोविड-19 के मामले सामने आ रहे हैं. महामारी अभी खत्म नहीं हुई है. उन्होंने कहा कि, ”जहां तक भारत का सवाल है, दूसरी लहर अभी खत्म नहीं हुई है.”
देश में कोरोना मामले की सकारात्मकता दर पर उन्होंने कहा कि, ”देश के 44 जिले ऐसे हैं, जहां मामले की सकारात्मकता दर 10 फीसदी से अधिक है. इन जिलों में केरल, मणिपुर, मिजोरम और नगालैंड सहित अन्य राज्यों के जिले शामिल हैं.” उन्होंने बताया कि एक जून को 279 जिले थे, जहां 100 से अधिक मामले सामने आये थे, लेकिन अब यह 57 जिलों में आ गया है, जहां देश में 100 से अधिक मामले सामने आ रहे हैं.”
उन्होंने कहा, ”मामलों की संख्या में 222 जिलों की कमी आयी है. सीमित क्षेत्र में केस प्रक्षेपवक्र देखा जाता है. केरल के 10 जिलों सहित 18 जिले ऐसे हैं, जहां मामलों में वृद्धि देखी जा रही है. इन 18 जिलों में 47.5 प्रतिशत मामले हैं.” साथ ही कहा कि ”ऐसे कुछ राज्य हैं, जहां तीन करोड़ से अधिक वैक्सीन की खुराक की आपूर्ति की गयी है. यूपी को 4.88 करोड़, महाराष्ट्र को 4.5 करोड़ और गुजरात को 3.4 करोड़ खुराक दी गयी है.”
