नयी दिल्ली : देश में पिछले करीब 10 दिनों से करीब तीन लाख से ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं. कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ने से ऑक्सीजन, वेंटिलेटर और दवाओं की कमी के साथ अस्पताल में बिस्तरों की कमी देखी जा रही है. इन कमियों को दूर करने में केंद्र और राज्य सरकारें प्रयासरत हैं. इन संकटों के बीच भारतीय वायुसेना मदद के लिए आगे आयी है.
रक्षा मंत्री कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक, वर्तमान कोरोना संकट के बीच देश में ऑक्सीजन की जरूरत को पूरा करने के लिए भारत और विदेश से भारतीय वायुसेना की उड़ानें जारी हैं. गुरुवार की रात कोरोना अस्पताल के लिए आपूर्ति करनेवाला एक आईएल-76 विमान लखनऊ में उतरा.
कोरोना की दूसरी लहर से निबटने में केंद्र और राज्य सरकारों के साथ विभिन्न संस्थान, स्वयंसेवी संस्थाएं मिल कर काम कर रही हैं. संकट की इस घड़ी में भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना भी मदद कर रही है. भारतीय वायुसेना देश के अंदर मदद देने के साथ-साथ विदेशों से भी जरूरी सामग्रियों की आपूर्ति में जुटी है.
इससे पहले भारतीय वायुसेना कोरोना मरीजों को एयरलिफ्ट करने के साथ-साथ देश में ऑक्सीजन की आपूर्ति सुचारू करने के कार्यों में मदद कर रही है. भारतीय वायुसेना ने कोरोना महामारी से निबटने के लिए सी-17 ग्लोबमास्टर को भी उतार दिया है.
भारतीय वायुसेना के सी-17 ग्लोबमास्टर ना सिर्फ विदेशों से ऑक्सीजन कंटेनर्स को एयरलिफ्ट कर रही है, बल्कि वेंटिलेटर और जरूरी दवाओं के साथ-साथ वैक्सीन की आपूर्ति में भी मदद कर रही है. भारत के विदेश सचिव हर्ष शृंगला के मुताबिक, दुनिया के करीब 40 देशों ने भारत को मदद करने के लिए हाथ बढ़ाया है.
मालूम हो कि इससे पहले कोरोना संकट से निबटने के लिए चीफ डिफेन्स स्टाफ बिपिन रावत ने प्रधानमंत्री के साथ मुलाकात की थी. इसके बाद एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी. साथ ही कोरोना संकट काल में भारतीय वायुसेना की ओर से चलाये जा रहे ऑपरेशन की जानकारी ली थी.
