Telangana: अंबेडकर के नाम पर होगा तेलंगाना का सचिवालय भवन, जानिए क्या हो सकता है नये संसद भवन का नाम?

Telangana: केसीआर ने कहा था कि कि तेलंगाना विधानसभा में एक प्रस्ताव पारित किया जाएगा, जिसमें केंद्र सरकार से अंबेडकर के नाम पर नए संसद भवन का नाम रखने की अपील की जाएगी. साथ ही कहा कि दलित लोगों के कल्याण के लिए प्रयास करने वाले लोगों में बाबासाहेब चे ग्वेरा और नेल्सन मंडेला के समान कैडर में हैं.

By Prabhat Khabar Digital Desk | September 16, 2022 9:37 AM

Telangana: तेलंगाना सरकार ने गुरुवार को एक बड़ी घोषणा की है. सरकार ने राज्य के नये सचिवालय भवन का नाम डॉ भीमराव अंबेडकर के नाम पर रखने की घोषणा की है. तेलंगाना सरकार ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट करते हुए लिखा है कि ‘मुख्यमंत्री केसीआर ने नए तेलंगाना सचिवालय का नाम रखने का फैसला किया है, जो विश्व प्रसिद्ध बुद्धिजीवी, भारतीय संविधान के मुख्य वास्तुकार, भारत रत्न डॉ बाबासाहेब अम्बेडकर के नाम पर निर्माणाधीन है. सीएम ने मुख्य सचिव से इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने का आह्वान किया.’

नए संसद भवन को अंबेडकर के नाम पर रखने की अपील

बता दें कि तीन दिन पूर्व, केसीआर ने कहा था कि कि तेलंगाना विधानसभा में एक प्रस्ताव पारित किया जाएगा, जिसमें केंद्र सरकार से डॉ भीमराव अंबेडकर के नाम पर नए संसद भवन का नाम रखने की अपील की जाएगी. मुख्यमंत्री केसीआर ने कहा था कि दलित लोगों के कल्याण के लिए महान प्रयास करने वाले लोगों में डॉ बाबासाहेब अम्बेडकर चे ग्वेरा और नेल्सन मंडेला के समान कैडर में हैं.

पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर करेंगे मांग

तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष के टी रामाराव ने भी विधानसभा में बोलते हुए नए संसद भवन का नाम डॉ अंबेडकर के नाम पर रखने पर जोर दिया. तेलंगाना राष्ट्र समिति ने घोषणा की कि मुख्यमंत्री जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर इसकी मांग करेंगे.

Also Read: Onilne Fraud: नाइजीरियाई नागरिक ने भारतीय महिला से ठगे 6 करोड़, जानिए कैसे हुई ठगी की ये वारदात?

समाज के सभी वर्ग का उत्थान कर रहे थे बाबासाहेब

केटीआर ने अंबेडकर के बारे में बोलते हुए कहा कि वह न केवल समाज के कुछ वर्गों का उत्थान कर रहे थे, बल्कि सभी का उत्थान कर रहे थे. उन्होंने महिलाओं की समानता की बात की और विधवा पुनर्विवाह का मार्ग प्रशस्त किया. केटीआर ने महिलाओं, संपत्ति के अधिकारों और हिंदू कोड बिल पर अंबेडकर के विचारों पर भी विस्तार से बताया. बता दें कि अगस्त के मध्य में मुख्यमंत्री ने शाम को सचिवालय का दौरा किया और सुझाव दिया कि सभी विभागों के कार्य शानदार और भव्य होने चाहिए.

Next Article

Exit mobile version