Padmanabha Swamy temple: केरल स्थित दुनिया के सबसे धनी मंदिर में से एक श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर के प्रशासन और उसकी संपत्तियों पर अधिकार को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को सुनवाई हुई. कोर्ट ने कहा है कि मंदिर के प्रबंधन का अधिकार त्रावणकोर के शाही परिवार के पास बरकरार रहेगा. इसके साथ ही कोर्ट ने केरल उच्च न्यायालय के 31 जनवरी 2011 के उस आदेश को रद्द किया, जिसमें राज्य सरकार से श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर का नियंत्रण लेने के लिए न्यास गठित करने को कहा गया था.
नौ साल से विवाद
केरल उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ राजपरिवार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी. जस्टिस यू यू ललित और जस्टिस इंदु मल्होत्रा की बेंच ने करीब तीन महीने तक जिरह सुनने के बाद पिछले साल 10 अप्रैल को फैसला सुरक्षित रख दिया था. तिरुअनंतपुरम के जिला जज की अध्यक्षता वाली कमिटी फिलहाल मंदिर की व्यवस्था देखेगी. मुख्य कमिटी के गठन तक यही व्यवस्था रहेगी. मुख्य कमिटी में राजपरिवार की भी अहम भूमिका रहेगी. मंदिर प्रबंधन को लेकर नौ साल से विवाद चल रहा था.
मंदिर की तिजोरियों में अकूत संपदा का खुलासा
यह मंदिर तब सुर्खियों में आया था जब इसकी तिजोरियों में अकूत संपदा का खुलासा हुआ था. अब यह दुनिया के सबसे धनी मंदिर में शुमार होता है. अभी इसकी एक तिजोरी यानी वाल्ट बी नही खुली है. कहा गया था कि बी तिजोरी को बिना सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट आदेश के नहीं खोला जाएगा. सुनवाई के दौरान केरल सरकार और राजपरिवार, दोनों ने ही कहा था कि वे मंदिर की तिजोरियों में मिली संपदा पर कोई दावा नहीं करना चाहते क्योंकि यह सब मंदिर का है. सुप्रीम कोर्ट ने त्रावणकोर राज परिवार के सेवादारी अधिकार को मान्यता दी है.
केरल राज्य के तिरुअनन्तपुरम में श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर भगवान विष्णु का प्रसिद्ध हिन्दू मंदिर है. यह मंदिर भारत के प्रमुख वैष्णव मंदिरों में शामिल है. पद्मनाभ स्वामी मंदिर विष्णु भक्तों का महत्वपूर्ण आराधना स्थल है। 1733 में इस प्राचीन मंदिर का पुनर्निर्माण त्रावणकोर के महाराजा मार्तड वर्मा ने करवाया था.
इस मंदिर के साथ एक पौराणिक कथा जुडी है, कहते हैं कि इसी स्थान पर विष्णु भगवान की प्रतिमा मिली थी, जिसके बाद यहां मंदिर का निर्माण किया गया था.1947 तक त्रावणकोर के राजाओं ने केरल में राज किया. 2013 में उत्राटम तिरुनाल मार्तण्ड वर्मा के निधन के बाद उनका परिवार और उनके प्राइवेट ट्रस्ट मंदिर की देखरेख कर रहे हैं.
Posted By: Utpal kant
