करिश्मा के एक्स संजय कपूर की संपत्ति को लेकर छिड़ा विवाद, मां और वर्तमान पत्नी आमने-आमने, कुल 10 हजार करोड़ की है विरासत

Sunjay Kapur Property Dispute : करिश्मा कपूर के एक्स हस्बैंड के पास 10 हजार करोड़ की संपत्ति थी, जो उनकी मौत के बाद उनकी मां और वर्तमान पत्नी के बीच झगड़े की वजह बन गई है.

Sunjay Kapur Property Dispute : एक्ट्रेस करिश्मा कपूर के पूर्व पति और उद्योगपति संजय कपूर की मौत के बाद उनका संपत्ति विवाद गहराता जा रहा है. इस विवाद में उनकी मां और पत्नी आमने-सामने है. इस विवाद के केंद्र में एक 30 हजार करोड़ की मल्टीनेशनल कंपनी है.

कंपनी में प्रिया सचदेव कपूर की नियुक्ति पर उठाए सवाल

संजय कपूर की मां, रानी कपूर ने सोना बीएलडब्ल्यू प्रिसिजन फोर्जिंग्स (सोना कॉमस्टार) नाम की कंपनी की वार्षिक आम बैठक को रोकने की मांग की है. उन्होंने यह दावा किया है कि संजय कपूर की मौत के बाद 23 जून को उनसे दबाव बनाकर कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवाए गए थे. उनका दावा है कि ऑटो कंपोनेंट कंपनी में वह कपूर परिवार की एकमात्र प्रतिनिधि हैं. उन्होंने बिना किसी का नाम लिए कुछ निदेशकों की नियुक्ति के प्रस्ताव पारित करने पर आपत्ति जताई है. रानी कपूर ने जो आपत्ति जताई है उसे संजय कपूर की वर्तमान पत्नी प्रिया सचदेव कपूर से जोड़कर देखा जा रहा है, क्योंकि उनकी नियुक्ति बोर्ड में हुई है. रानी कपूर ने कंपनी के बोर्ड को एक पत्र लिखा है और उसमें यह आरोप लगाया है कि संजय के निधन के बाद से परिवार शोक में है, लेकिन कुछ लोगों ने परिवार की विरासत पर नियंत्रण करने और उसे हड़पने के लिए यह समय चुनाव है.

2019 से रानी कपूर के पास नहीं है शेयर

संजय कपूर की मां ने 2015 की वसीयत के आधार पर यह कहा है कि वह अपने दिवंगत पति सुरिंदर कपूर की संपत्ति की एकमात्र लाभार्थी हैं. इससे वह सोना समूह की बहुसंख्यक शेयरधारक बन जाती हैं, जिसमें ऑटो कंपोनेंट कंपनी में सोना समूह की हिस्सेदारी भी शामिल है. हालांकि कंपनी का कहना है कि रानी कपूर 2019 से उसकी शेयरधारक नहीं है. सोना कॉमस्टार जून 2021 से एक पब्लिक लिमिटेड कंपनी है, जिसमें 71.98 प्रतिशत सार्वजनिक शेयरधारिता और 28.02 प्रतिशत हिस्सेदारी इसके कॉर्पोरेट प्रमोटर, ऑरियस इन्वेस्टमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड (AIPL) के पास है.

इस संबंध में संजय कपूर की वर्तमान पत्नी प्रिया सचदेव कपूर की ओर से कोई प्रतिक्रिया अबतक नहीं आई है. फोर्ब्स के अनुसार संजय कपूर के पास मृत्यु के समय कुल संपत्ति 1.2 बिलियन डॉलर यानी 10,000 करोड़ रुपए थी. संजय कपूर का निधन 12 जून को पोलो खेलते वक्त हार्ट अटैक से हुआ था.

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By Rajneesh anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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