Split in Shiv Sena : शिवसेना (शिंदे गुट) नेता श्रीकांत शिंदे ने राजनीतिक घटनाक्रम पर टिप्पणी करते हुए कहा कि आने वाले दिनों में और भी बड़े राजनीतिक धमाके देखने को मिलेंगे. उन्होंने कहा कि पिछले चार साल से हम लगातार राजनीतिक झटके दे रहे हैं. यह तो सिर्फ ट्रेलर है, असली पिक्चर अभी बाकी है.
मीडिया से बात करते हुए शिंदे ने मजाकिया अंदाज में कहा कि आज ही दो बड़ी नेशनल न्यूज सामने आ चुकी हैं, फिर भी आप लोग और खबरें चाहते हैं. उन्होंने कहा कि कुछ खबरें कल, परसों या बाद में भी आ सकती हैं. शिंदे ने मीडिया से कहा कि सुबह से लगातार ब्रेकिंग न्यूज के पीछे दौड़ते-दौड़ते आप लोग भी थक गए होंगे, इसलिए आज थोड़ा आराम कर लीजिए. कल फिर नए सिरे से राजनीतिक हलचल शुरू होगी. श्रीकांत शिंदे के इस बयान के बाद कई सवाल उठ रहे हैं?
क्या बाकी बचे सांसद टिक पाएंगे उद्धव गुट में?
दिल्ली में शिवसेना (UBT) की संसदीय दल की एक अहम बैठक में शामिल न होने के पांच दिन बाद बागी सांसद शिवसेना (शिंदे गुट) में शामिल हुए. उद्धव ठाकरे द्वारा बुलाई गई संसदीय दल की बैठक में केवल तीन लोकसभा सदस्य शामिल हुए थे. पाला बदलने वाले शिवसेना (UBT) के लोकसभा सदस्य हैं: संजय देशमुख (यवतमाल), संजय जाधव (परभणी), संजय दीना पाटिल (मुंबई उत्तर पूर्व), नागेश पाटिल-आष्टीकर (हिंगोली), ओमप्रकाश राजे निंबालकर (धाराशिव) और भाऊसाहेब वाकचौरे (शिरडी). यानी अब उद्धव गुट के पास केवल 3 सांसद बचे हैं. अब देखना होगा कि क्या अगले लोकसभा चुनाव यानी साल 2029 तक ये सांसद उद्धव ठाकरे के साथ रहते हैं या फिर ये भी पाला बदलने पर विचार करेंगे.
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इन बागी नेताओं ने 2024 के आम चुनावों में बीजेपी और शिवसेना के उम्मीदवारों को हराया था. शिवसेना (UBT) ने 2024 के आम चुनाव में महाराष्ट्र में नौ लोकसभा सीट जीती थीं. शिवसेना में बागी सांसदों के शामिल होने से सत्ताधारी गठबंधन ‘महायुति’ में शिंदे की मोल-भाव करने की ताकत बढ़ने की उम्मीद है. इस गठबंधन में बीजेपी और एनसीपी भी शामिल हैं.
उद्धव गुट के विधायक भी देंगे दगा?
रिपोर्ट के मुताबिक, एकनाथ शिंदे की शिवसेना अब विधानसभा में भी उद्धव ठाकरे गुट को बड़ा झटका देने की तैयारी में है. दावा किया जा रहा है कि शिवसेना (यूबीटी) के कई विधायक अलग गुट बना सकते हैं या शिंदे की शिवसेना में शामिल हो सकते हैं. सूत्रों का दावा है कि अगले दो महीनों में शिवसेना (यूबीटी) के बड़ी संख्या में विधायक भी उनका साथ छोड़ सकते हैं.
