सोनम वांगचुक का ताजा हेल्थ अपडेट: भूख हड़ताल से बढ़ी कमजोरी, पल्स-बीपी सामान्य पर इलाज लेने से किया इनकार

वीएमएमसी (VMMC) और सफदरजंग अस्पताल ने भर्ती सोनम वांगचुक का ताजा हेल्थ अपडेट जारी किया है. अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, वांगचुक पिछले 20 दिनों से ठोस आहार (सॉलिड फूड) छोड़कर कर भूख हड़ताल पर हैं, जिसके चलते उन्हें अत्यधिक कमजोरी की शिकायत है. मेडिकल बुलेटिन में स्पष्ट किया गया है कि अस्पताल लाते समय उनमें डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) के लक्षण जरूर थे, लेकिन उन्हें बेहोश होने (Fainting) जैसी कोई समस्या नहीं हुई है. डॉक्टरों की टीम उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है.

Sonam Wangchuk Health Update: अस्पताल की ओर से जारी ताजा हेल्थ अपडेट में बताया गया- भर्ती किए जाने के समय वांगचुक की नाड़ी (पल्स), रक्तचाप (बीपी) और ऑक्सीजन का स्तर पूरी तरह सामान्य और स्थिर पाया गया. उनके ब्लड गैस एनालिसिस में 'कंपनसेटेड एसिडोसिस' (शरीर में एसिड का असंतुलन) और सीरम पोटैशियम की कमी पाई गई है. दोबारा जांच में भी सीरम पोटैशियम का स्तर कम ही पाया गया.

ब्लड शुगर लेवल 78 मिलीग्राम/डीएल दर्ज किया गया

सुबह अस्पताल में भर्ती के समय वांगचुक के यूरिन में कीटोन की मात्रा 1+ थी, जो दोपहर 1:00 बजे तक बढ़कर 3+ हो गई है.


इलाज लेने से किया इनकार

सोनम वांगचुक की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें तुरंत इंट्रावेनस (IV) फ्लूइड (ड्रिप) चढ़ाने की सलाह दी, लेकिन उन्होंने किसी भी तरह की ड्रिप, ओआरएस (ओरल रीहाइड्रेशन फ्लूइड) या कोई अन्य दवा लेने से साफ इनकार कर दिया है. फिलहाल, अस्पताल के डॉक्टरों की एक विशेष टीम उनके स्वास्थ्य पर लगातार नजर बनाए हुए है. अस्पताल प्रशासन और डॉक्टर उनके बेहतर स्वास्थ्य और जीवन की रक्षा के लिए उन्हें इलाज स्वीकार करने के लिए लगातार समझाने (काउंसलिंग करने) का प्रयास कर रहे हैं.

पुलिस ने वांगचुक को जंतर मंतर से उठकर ले गई और अस्पताल में कराया भर्ती

पुलिस ने वांगचुक को शनिवार सुबह प्रदर्शन स्थल से उठाकर ले गई और सात बजकर 40 मिनट पर अस्पताल में भर्ती कराया. वांगचुक राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) में कथित अनियमितताओं और इस विवाद से जुड़े विद्यार्थियों की मौतों के मामलों को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में जारी विरोध प्रदर्शन के समर्थन में 28 जून से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं. डॉक्टरों ने बताया- भूख हड़ताल शुरू होने के बाद से उनका वजन करीब 9.5 किलोग्राम घट गया है.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

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बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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