Silver Coin : खुदाई के दौरान मिल पुराने चांदी के सिक्के, मजदूरों के बीच जमकर मारपीट

Silver Coin : उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले की एक खबर पूरे देश में चर्चा का विषय बन चुकी है. यहां भवन को तोड़ने के दौरान चांदी के सिक्के मिले, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिये.

Silver Coin : बाराबंकी जिले के प्रसिद्ध लोधेश्वर महादेवा इलाके में एक गलियारे के निर्माण कार्य के दौरान एक मकान को ढहाते समय 75 चांदी के सिक्के मिले, जिसके बाद मजदूरों के बीच झड़प हो गई. पुलिस ने बताया कि सिक्कों को जब्त कर लिया गया है और उन्हें पुरातत्व विभाग को सौंपा जाएगा. पुलिस के अनुसार, ये सिक्के गुरुवार को कस्बे में जय नारायण गुप्ता के घर की नींव से एक मिट्टी के बर्तन में मिले. घटनास्थल पर मौजूद मजदूरों ने बताया कि खुदाई के दौरान जैसे ही सिक्के मिले, वे इसको लेकर भिड़ गए, जिससे अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर जमा हो गए.

75 चांदी के सिक्के बरामद

सूचना मिलने पर महादेवा पुलिस चौकी प्रभारी अभिनंदन पांडे पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को कंट्रोल में किया. पुलिस ने घटनास्थल से 75 चांदी के सिक्के बरामद किए हैं. घटना की सूचना पर नायब तहसीलदार विजय प्रकाश तिवारी और रामनगर थाने के प्रभारी अनिल कुमार पांडे भी पुलिस चौकी पहुंचे. अधिकारियों ने बरामद सिक्कों को अपने कब्जे में ले लिया, आवश्यक कागजी कार्रवाई की.

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उन्होंने बताया कि सिक्कों को जांच के लिए पुरातत्व विभाग भेजा जाएगा. ये सिक्के महारानी विक्टोरिया और जॉर्ज पंचम के काल के बताए जा रहे हैं. जमीन मालिक हरि नारायण गुप्ता ने बताया कि मजदूरों के पास से 75 चांदी के सिक्के बरामद हुए हैं.

मजदूर चांदी के सिक्कों को आपस में बांट रहे थे

बताया जा रहा है कि मजदूरों ने मिले सिक्कों को आपस में बांटना शुरू कर दिया. इसी दौरान स्थानीय लोगों को इसकी जानकारी हुई और उन्होंने पुलिस को खबर दी. सूचना मिलते ही राजस्व और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और सिक्के जब्त कर लिए. पुलिस ने आसपास का इलाका सुरक्षित रखने के लिए प्रतिबंधित कर दिया.

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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