"मैं निराश हो चुका हूं": शहजाद पूनावाला ने पीएम मोदी को बताया फेलियर, कहा- राहुल गांधी से सीखिए

BJP से अलग होने की तेज होती अटकलों के बीच शहजाद पूनावाला का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वे व्यंग्यात्मक अंदाज में कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलते नजर आ रहे हैं. वीडियो की शुरुआत में पूनावाला का अंदाज ऐसा प्रतीत होता है मानो वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना कर रहे हों.

पूनावाला कहते हैं, "मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी से पूरी तरह से निराश हो चुका हूं. 12 साल हो गए और वो एक फेलियर हैं... उन्हें ठीक से तानाशाही करना भी नहीं आता." हालांकि, यह वास्तव में पीएम मोदी पर कोई वास्तविक हमला नहीं, बल्कि विपक्ष द्वारा पीएम पर लगाए जाने वाले 'तानाशाही' के आरोपों पर किया गया एक करारा व्यंग्य है.

पूनावाला ने पीएम मोदी के 31 जुलाई वाले वीडियो पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि जब सोशल मीडिया पर संवैधानिक पदों और उनकी माताजी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने वाले बच्चों की बात आई, तो पीएम मोदी ने उन्हें 'शरारती बच्चे' बताकर माफ करने की अपील की.

असली तानाशाही और आपातकाल क्या होता है, यह कांग्रेस से सीखना चाहिए : पूनावाला

शहजाद पूनेवाला ने विपक्ष द्वारा पीएम मोदी को 'तानाशाह' कहे जाने के आरोपों पर करारा कटाक्ष किया है. उन्होंने कहा- असली तानाशाही और आपातकाल क्या होता है, यह कांग्रेस के इतिहास से सीखना चाहिए.

"पीएम मोदी को ठीक से डिक्टेटर बनना नहीं आ रहा है. 12 साल हो चुके हैं, वो डिक्टेटर बनने के बदले कल रात को एक वीडियो जारी करते हैं और जिन बच्चों ने गाली दी है उनको, संवैधानिक पदों को, उनकी माताजी को, वो आकर कहते हैं- शरारती बच्चे हैं, माफ कर दीजिए. समाज से कहते हैं, पुलिस से कहते हैं, सबसे कहते हैं- माफ कर दीजिए." - शहजाद पूनावाला


राहुल गांधी के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट करने पर इंस्टाग्राम यूजर्स के खिलाफ मामला दर्ज : पूनावाला

पूनावाला ने आरोप लगाया कि केरल में राहुल गांधी के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक पोस्ट करने पर तीन इंस्टाग्राम यूजर्स के खिलाफ मामले दर्ज करा दिए गए. उन्होंने जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी के दौर का जिक्र करते हुए आपातकाल, अभिव्यक्ति की आजादी पर रोक, और प्रदर्शनकारियों पर हुई कार्रवाई का उल्लेख किया.

विपक्षी शासित राज्यों पर सवाल

वीडियो में समाचार पत्रों की कटिंग दिखाते हुए पूनावाला ने आरोप लगाया कि तेलंगाना, कर्नाटक और केरल जैसे विपक्षी शासित राज्यों में प्रदर्शनकारियों, छात्रों और सोशल मीडिया पोस्ट करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाइयां और एफआईआर (FIR) दर्ज की जा रही हैं. पूनेवाला ने असम के 'आसू' (AASU) आंदोलन, गुजरात के 'नवनिर्माण आंदोलन' और 2011-13 के 'अन्ना आंदोलन' का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस काल में हजारों प्रदर्शनकारियों और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई हुई थी.

एक्स बायो से बीजेपी का नाम हटाते ही शहजाद पूनावाला के पार्टी छोड़ने की अटकलें तेज

शहजाद पूनावाला ने शुक्रवार को 'एक्स' पर अपना बायो बदल दिया था, जिसमें उन्होंने बीजेपी का कोई उल्लेख नहीं किया. इसके बाद यह अटकलें लगने लगीं कि वह पार्टी छोड़ सकते हैं. हालांकि, इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, पूनावाला या बीजेपी की ओर से अब तक इस मामले में कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है. अपने बायो में पूनावाला ने लिखा है, ''धर्म -इस्लाम, संस्कृति- हिंदू, विचारधारा- भारतीय, लेखक: जीएसटी की यात्रा; प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आजीवन अनुयायी.''

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लेखक के बारे में

By अरबिंद कुमार मिश्रा

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

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शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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