SACTEM Awareness Campaign: सोसाइटी ऑफ एक्यूट केयर, ट्रॉमा एंड इमरजेंसी मेडिसिन (SACTEM) द्वारा विश्व आपातकालीन चिकित्सा दिवस 2026 के अवसर पर भारत के विभिन्न शहरों में जागरूकता कार्यक्रमों एवं वॉकाथॉन का आयोजन किया गया. इस अवसर पर इमरजेंसी फिजिशियन, ट्रॉमा सर्जन, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिक्स, स्वास्थ्यकर्मी, छात्र एवं जनस्वास्थ्य से जुड़े लोग एक मंच पर एकत्रित हुए.
लखनऊ, हैदराबाद, पटना, भोपाल, दिल्ली, अहमदाबाद, जयपुर, चेन्नई सहित देश के कई शहरों में आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं के महत्व, जागरूकता एवं आपातकालीन स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया. विश्व आपातकालीन चिकित्सा दिवस 2026 की मुख्य थीम रही: “Safe Space for Emergency Medicine Teams – Stop Violence Everywhere”
इस अभियान का उद्देश्य स्वास्थ्यकर्मियों के विरुद्ध बढ़ती हिंसा के प्रति जागरूकता फैलाना तथा यह संदेश देना था कि डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिक्स एवं इमरजेंसी टीमों को सुरक्षित, सम्मानजनक एवं गरिमापूर्ण कार्य वातावरण मिलना चाहिए. लखनऊ में SACTEM द्वारा जनेश्वर मिश्र पार्क में “हीट स्ट्रोक एवं समर सेफ्टी अवेयरनेस वॉकाथॉन” का आयोजन किया गया, जिसमें Medanta Hospital, KGMU, SGPGI, RMLIMS, Vivekananda Hospital सहित विभिन्न संस्थानों के इमरजेंसी एवं ट्रॉमा विशेषज्ञों ने भाग लिया.
जागरूकता अभियान के प्रमुख विषय रहे
- हीट स्ट्रोक से बचाव
- गर्मी में जनसुरक्षा
- पर्याप्त पानी एवं हाइड्रेशन जागरूकता
- हीट इमरजेंसी की प्रारंभिक पहचान
- आपातकालीन प्रतिक्रिया एवं तैयारी
कार्यक्रम का संदेश
“Step for Safety. Walk for Awareness.” इस अवसर पर KGMU लखनऊ के ट्रॉमा सर्जरी विभाग के प्रोफेसर प्रो. समीर मिश्रा ने इमरजेंसी एवं ट्रॉमा सेंटरों में कार्यरत डॉक्टरों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया. उन्होंने हाल के समय में स्वास्थ्यकर्मियों पर हुई हिंसक घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए सुरक्षित कार्य वातावरण की आवश्यकता बताई.
Medanta Lucknow में डायरेक्टर इमरजेंसी मेडिसिन डॉ. लोकेन्द्र गुप्ता ने उत्तर प्रदेश में माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में इमरजेंसी एवं ट्रॉमा सेवाओं को मजबूत करने हेतु सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की. उन्होंने कहा कि राज्य में इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम, ट्रॉमा नेटवर्क, एम्बुलेंस सेवाओं, जनजागरूकता अभियानों एवं आपदा तैयारी में महत्वपूर्ण सुधार हुए हैं.
डॉ. गुप्ता ने कहा कि SACTEM प्रशिक्षण, जागरूकता कार्यक्रमों, सहयोग एवं जनभागीदारी के माध्यम से देश में इमरजेंसी केयर सिस्टम को और अधिक सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य करता रहेगा. देशभर में प्रतिभागियों ने इस पहल को इमरजेंसी मेडिसिन समुदाय के लिए गर्व का विषय बताते हुए इसे जागरूकता, एकता एवं इस विशेषता को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया.
यह कार्यक्रम निम्न व्यापक जनस्वास्थ्य एवं सुरक्षा उद्देश्यों से भी जुड़ा रहा
- आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था को मजबूत करना
- जनजागरूकता एवं आपदा तैयारी
- सड़क सुरक्षा एवं Zero Fatality Vision
- हीट स्ट्रोक रोकथाम अभियान
- फ्रंटलाइन स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा एवं सम्मान
