सिर्फ राहुल के साथ ही रहूंगी, दामाद के साथ रहने की जिद्द पर अड़ी सास, रोते रहे बच्चे

Saas Damad Love Story : रोते-बिलखते बच्चे थाने में पहुंचे. वे कहते रहे घर चलो मां, लेकिन महिला दामाद को छोड़ने को तैयार नहीं है. पुलिस महिला का काउंसलिंग करवा रही है. महिला के होने वाले दामाद पर लगे आरोप की भी जांच पुलिस कर रही है.

Saas Damad Love Story : अलीगढ़ में एक महिला होने वाले दामाद के साथ रहने की जिद पर अड़ गई. रोते-बिलखते बच्चों और पति के समझाने पर भी वह नहीं मान रही है. थाने में दिनभर पंचायत चली, गांव की महिलाएं और करीबी रिश्तेदार पहुंचे और उसे समझाते रहे. इसके बाद भी वह नहीं मानी. बच्चों ने हाथ जोड़कर घर चलने की मिन्नतें कीं, मगर उसका दिल नहीं पिघला. पति ने तलाक देने से इनकार करते हुए परिवार को फिर से जोड़ने की इच्छा जताई. बावजूद इसके, महिला दामाद के साथ रहने की जिद पर अड़ी रही. जिद अब पूरे परिवार के बिखरने की कगार पर ले आई है.

बच्चों के समझाने पर भी नहीं मान रही महिला

पुलिस ने महिला को काउंसलिंग के लिए वन स्टॉप सेंटर भेजा, वहीं उसका होने वाला दामाद राहुल थाने में है. दोनों को अलग-अलग रखा गया है. सपना और राहुल छह अप्रैल को भाग गए थे. 10 दिन बाद अचानक दादों थाने पहुंचे. वे एक प्राइवेट कार से थाने आए. इसके बाद सास ने थाने में बयान दिया. उसके बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल भी हुआ. परिवार और पुलिस महिला को समझाने का प्रयास कर रही  है. गुरुवार सुबह से गांव के लोग थाने पर जुटने लगे थे. दोपहर में ट्रैक्टर-ट्राली से महिलाएं भी पहुंचीं. पुलिस ने मीटिंग हाल में सपना को सबसे मिलवाया. महिला की बेटी, जिसकी शादी राहुल से 16 अप्रैल को तय थी, भाइयों संग आई और मां को समझाने की कोशिश की.

सिर्फ राहुल के साथ ही रहूंगी: होने वाली सास ने कहा

दोनों बेटे हाथ जोड़कर मां से घर चलने की मिन्नतें करते रहे. पति जितेंद्र और रिश्तेदारों ने भी समझाया, पर सपना टस से मस न हुई. महिला बोली, अब सिर्फ राहुल के साथ ही रहूंगी. शाम छह बजे तक नतीजा न निकला, तो सब बच्चे लेकर लौट गए. सीओ महेश कुमार ने बताया कि मामला पारिवारिक है, इस वजह से महिला की काउंसलिंग कराई जा रही है. पति द्वारा होने वाले दामाद पर लगाए गए आरोपों की जांच भी चल रही है. जांच और काउंसलिंग पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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