Video : अरे गुजराती जानता नहीं, राजनाथ सिंह ने जयराम रमेश से कहा

Video : कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को मणिबेन की डायरी के रिकॉर्ड सौंपे. इसका वीडियो सामने आया है. देखें दोनों नेताओं के बीच क्या हुई इस दौरान बात.

Video : कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने गुरुवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को वल्लभभाई पटेल की पुत्री मणिबेन पटेल की गुजराती में लिखी डायरी के रिकॉर्ड की एक प्रति सौंपी और उन्हें बताया कि उनमें उनके इस दावे का कोई जिक्र नहीं है कि पंडित जवाहरलाल नेहरू सरकारी धन का उपयोग करके बाबरी मस्जिद का निर्माण कराना चाहते थे. संसद के मकर द्वार के बाहर रक्षा मंत्री के कार से उतरते ही रमेश ने उनसे मुलाकात की. इसका वीडियो न्यूज एजेंसी पीटीआई ने जारी किया है. वीडियो में रमेश कहते नजर आ रहे हैं कि ये गुजराती में है. इसपर राजनाथ सिंह ने कहा कि अरे…मुझे गुजराती नहीं आती. देखें वीडियो.

गुजराती नहीं आती : राजनाथ सिंह

कांग्रेस सांसद रमेश ने सिंह को बताया कि वह विशेष रूप से उनके लिए गुजराती में मणिबेन पटेल की डायरी प्रविष्टियां लाए हैं, जिस पर भाजपा के वरिष्ठ नेता ने कहा कि हमारे पास यह अंग्रेजी में है. गुजराती में मूल डायरी प्रविष्टियों वाले कागजात एक पुस्तक में प्रकाशित हुए हैं. इसका हिंदी अनुवाद भी उन्हें सौंपते हुए रमेश ने उन्हें इसे पढ़ने के लिए कहा. सिंह ने जवाब दिया कि उन्हें गुजराती नहीं आती है.

नेहरू के बारे में झूठ फैलाने के लिए माफी मांगनी चाहिए : जयराम रमेश

कांग्रेस नेता ने कहा कि डायरी के रिकॉर्ड में कहीं भी यह बात नहीं लिखी है कि नेहरू सार्वजनिक पैसों से बाबरी मस्जिद बनवाना चाहते थे. रमेश ने रक्षा मंत्री के हालिया बयान का जिक्र करते हुए 6 दिसंबर को कहा था कि नेहरू के बारे में झूठ फैलाने के लिए उन्हें माफी मांगनी चाहिए.

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राजनाथ सिंह ने क्या कहा था

राजनाथ सिंह ने पिछले दिनों गुजरात में एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि जवाहरलाल नेहरू सरकारी धन से ‘बाबरी मस्जिद’ बनवाना चाहते थे, लेकिन सरदार वल्लभभाई पटेल ने उनकी योजना सफल नहीं होने दी.

14 दिसंबर को देखें पॉडकास्ट

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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