नयी दिल्ली: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार पर हमला बोलते हुए शनिवार को विवादित बयान दे दिया. उन्होंने आजादी के अमृत महोत्सव के औचित्य पर सवाल खड़े कर दिये. कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि आजादी का कोई मतलब नहीं है, जब तक यह सभी के लिए न हो. साथ ही उन्होंने पूछा कि जब देश में ‘नफरत का जहर’ फैलाया जा रहा है, तो ‘अमृत महोत्सव’ का क्या मतलब है.
राहुल गांधी की यह टिप्पणी असम के दरांग जिले में बृहस्पतिवार को अतिक्रमण हटाने के अभियान के दौरान पुलिस और कथित अतिक्रमणकारियों के बीच हुई झड़प के बाद आयी है. दरांग में दो लोगों की मौत हो गयी और 20 लोग घायल हो गये. घटना के बाद एक चौंकाने वाला वीडियो भी सामने आया, जिसमें कैमरा लिये एक व्यक्ति मृत व्यक्ति पर वार कर रहा है, जिसके सीने में गोली लगी है. बाद में उस व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया गया और घटना की न्यायिक जांच के आदेश दिये गये हैं.
राहुल गांधी ने एक ट्वीट में ‘असम’ हैशटैग का इस्तेमाल करते हुए पूछा, ‘जब देश में नफरत का जहर फैलाया जा रहा है तो ‘अमृत महोत्सव’ क्या है? आजादी का क्या मतलब है, अगर यह सभी के लिए नहीं है.’ इस बीच, कांग्रेस नेताओं ने असम के राज्यपाल जगदीश मुखी से मुलाकात की और उनसे उचित पुनर्वास पैकेज की घोषणा होने तक दरांग के सिपाझार में अतिक्रमण हटाने के अभियान को रोकने का अनुरोध किया.
Posted By: Mithilesh Jha
