Rahul Gandhi : जंतर-मंतर पर विपक्षी नेताओं ने आज विरोध प्रदर्शन किया. संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान कुल 146 सांसदों को निलंबित किए जाने के बाद विपक्षी गठबंधन ने आज दिल्ली के जंतर मंतर के अलावा देश के कई अलग-अलग जगहों पर भी प्रदर्शन किया. जंतर मंतर पर कई विपक्षी दल के नेता पहुंचे थे जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, एनसीपी प्रमुख शरद पवार, महुआ माजी, मनोज सिंह समेत कई नेता शामिल है. इस दौरान राहुल गांधी ने अपने भाषण में कहा कि सरकार गलत काम कर रही है और इस नफरत के बाजार में हम सब मिलकर मोहब्बत की दुकान खोलेंगे. साथ ही युवाओं को लेकर भी उन्होंने एक बड़ा बयान दिया है. आइए जानते है उन्होंने क्या कुछ कहा.
अपने भाषण के दौरान राहुल गांधी ने कहा है कि संसद के शीतकालरन सत्र से निलंबित किए गए सांसद हिंदुस्तान की जनता की आवाज हैं, ये सिर्फ इनका अपमान नहीं किया गया है, बल्कि 60 प्रतिशत जनता का मुंह बंद किया गया है.
साथ ही उन्होंने अपने संबोधन में सत्ता पक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा है कि भाजपा जितनी नफरत फैलाएगी, ‘I.N.D.I.A.’ गठबंधन उतनी ही मोहब्बत, भाईचारा और एकता फैलाएगा.
बीते दिनों संसद की सुरक्षा में हुए चूक मामले को उन्होंने बेरोजगारी से जोड़ा है. उन्होंने कहा कि मैंने एक सर्वे कराया था जिसमें पता चला है कि युवा दिन में 7.30 घंटे मोबाईल पर बिताते है. उन्होंने कहा कि ऐसी घटना इसलिए हुई है क्योंकि देश में भयंकर बेरोजगारी है.
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि संसद के हालिया शीतकालीन सत्र में विपक्ष के 146 सांसदों को निलंबित करके न सिर्फ उनका अपमान किया गया, बल्कि देश की 60 प्रतिशत जनता का मुंह बंद कर दिया गया.
राहुल गांधी ने कहा कि ‘I.N.D.I.A.’ गठबंधन पूरी तरह से एकजुट है. उन्होंने कहा कि लोकसभा की दर्शक दीर्घा से सदन में दो युवकों का कूदना सुरक्षा में चूक जरूर है, लेकिन इसका कारण बेरोजगारी है.
राहुल गांधी का कहना था, ‘‘निलंबित सांसद सिर्फ व्यक्ति नहीं, बल्कि वे हिंदुस्तान की जनता की आवाज हैं. आपने (सरकार) सिर्फ (लगभग) 150 सांसदों का अपमान नहीं किया है, बल्कि 60 प्रतिशत जनता का मुंह बंद किया है.’’
सदन में तख्तियां लहराने और नारे लगाने के आरोप में शीतकालीन सत्र में कुछ दिनों के भीतर ही 146 सांसदों को लोकसभा और राज्यसभा से निलंबित कर दिया गया . इनमें से ज्यादातर सदस्यों को शीतकालीन सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित किया गया था और सत्र समाप्ति के बाद उनका निलंबन भी स्वत: ही समाप्त हो चुका है. लेकिन कुछ सदस्यों के मामले को विशेषाधिकार समिति के विचारार्थ भेजा गया था और समिति की रिपोर्ट आने तक उनका निलंबन जारी रहेगा. शीतकालीन सत्र के लिए दोनों सदनों की बैठक बृहस्पतिवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई. विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (I.N.D.I.A.) के सांसद 13 दिसंबर को संसद की सुरक्षा में हुई चूक की घटना को लेकर गृह मंत्री अमित शाह से बयान की मांग कर रहे थे.
