Rahul Gandhi Attacks Modi Government: राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा, "धर्मेंद्र प्रधान ने सचमुच भारत की सबसे बड़ी संपत्ति को बर्बाद कर दिया है. हमारा शिक्षा सिस्टम खत्म हो चुका है, इसलिए हम इन मांगों का पूरा समर्थन करते हैं और सड़कों पर उतरे हर छात्र का पूरा समर्थन करते हैं."
राहुल गांधी ने छात्रों की मांगों को ठहराया जायज
राहुल गांधी ने छात्रों की तीन मुख्य मांगों को 100% जायज बताते हुए सरकार के सामने रखा.
पहली और पूरी तरह से जायज मांग यह है कि धर्मेंद्र प्रधान, जो शिक्षा मंत्री के तौर पर नाकाम रहे हैं और जिन पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं, उन्हें उनके पद से हटाया जाए. यह 100% जायज मांग है, इसमें कुछ भी गलत नहीं है. उन्होंने भारत और दुनिया को दिखा दिया है कि वे इस सिस्टम को चलाने में अक्षम हैं. एक के बाद एक परीक्षा के पेपर लीक हो रहे हैं.
दूसरी मांग यह है कि जिन लोगों ने हमारे छात्रों पर उंगली उठाई. चाहे आदेश देने वाले हों या उसे अंजाम देने वाले, उन सभी को जवाबदेह ठहराया जाए.
तीसरी बात यह है कि जो व्यक्ति इस पूरे सिस्टम को चला रहा है, जो आखिरकार इन सबके लिए जिम्मेदार है, उसमें इतनी शालीनता होनी चाहिए कि वह जो कुछ हुआ है, उसके लिए छात्रों से माफी मांगे.
शिक्षा बजट के बराबर होता है परीक्षा देने वाले परिवारों का एक परीक्षा पर खर्च : राहुल गांधी
कांग्रेस सांसद ने कहा, "बात सिर्फ इतनी नहीं है कि सिस्टम में गड़बड़ी है, बल्कि यह सिस्टम आम लोगों की पहुंच से बाहर भी है. परीक्षा देने वाले परिवारों का एक परीक्षा पर उतना ही खर्च होता है जितना हमारा पूरा शिक्षा बजट है. भारत सरकार सभी टैक्स इकट्ठा करने के बाद हमारे बच्चों के भविष्य पर पैसा खर्च करती है. वह पैसा शिक्षा बजट में जाता है, जो 1.4 लाख करोड़ रुपये है. वहीं दूसरी ओर, हर साल NEET परीक्षा देने वाले परिवार भी लगभग इतनी ही रकम, यानी 1.32 लाख करोड़ रुपये खर्च करते हैं. यह उन परिवारों से सरासर लूट है, और कुछ नहीं. और फिर उनसे लूटने के बाद, आप उन्हें बताते हैं कि पेपर लीक हो गया है, सिस्टम में गड़बड़ी है."
हमारा शिक्षा सिस्टम आज एक धांधली वाला सिस्टम बन गया है : राहुल गांधी
लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा, "एक बात जो सभी को साफ है, वह यह है कि हमारा शिक्षा सिस्टम— जिसे कभी दुनिया के सबसे अच्छे शिक्षा सिस्टम में से एक माना जाता था— आज एक धांधली वाला सिस्टम बन गया है. हम जानते हैं कि पिछले दशक में 152 बार पेपर लीक हुए हैं. अगर आप हिसाब लगाएं, तो लगभग हर महीने एक लीक हुआ है. हर महीने, लाखों छात्रों से कहा जाता है कि जिस तनाव से वे गुजरे हैं, उससे उन्हें फिर से गुजरना होगा. उसके बाद उनसे कहा जाता है कि हमें कोई परवाह नहीं है... इससे 7.5 करोड़ छात्र और उनके परिवार प्रभावित हुए हैं. ये मध्यम वर्गीय और गरीब परिवार हैं. वे अपनी मेहनत की कमाई इसमें लगाते हैं और फिर उनके साथ बहुत बुरा बर्ताव किया जाता है. और सबसे बड़ी बात यह है कि किसी को सजा नहीं हुई."
सुरक्षा बल छात्रों पर हथियार ताने खड़े रहते हैं : राहुल गांधी
राहुल गांधी ने कहा, "सवाल यह है कि हमारे छात्रों के साथ ऐसा क्यों हो रहा है? हमारे छात्रों ने आखिर क्या किया है? सुरक्षा बल उन पर हथियार ताने खड़े रहते हैं. उन्होंने क्या गलत किया है? वे शांतिपूर्ण तरीके से विरोध कर रहे हैं, अपनी मांगें रख रहे हैं, वे वह मांग रहे हैं जो यह देश उन्हें देने का हकदार है. वे बस इतना कह रहे हैं कि देश के छात्र होने के नाते हम एक ऐसे शिक्षा सिस्टम के हकदार हैं जो निष्पक्ष हो. बच्चों ने आत्महत्या की है. हमारे छात्र बहुत ज्यादा तनाव से गुजरते हैं और आखिरी समय में उन्हें बताया जाता है कि पेपर लीक हो गया है."
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