जंतर-मंतर पर पुलिस की कार्रवाई, बच्ची के सामने पिता को उठाया; पत्नी बोलीं- सर, बच्ची रो रही है

जंतर-मंतर पर एक व्यक्ति को उसकी बच्ची और पत्नी के सामने पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने का वीडियो वायरल हो रहा है. काॅकरोच जनता पार्टी ने इस कार्रवाई की निंदा की है और प्रदर्शन जारी रखने का ऐलान किया है.

सर क्यों लेकर जा रहे हो, इनकी बजंतर-मंतर पर पुलिस की कार्रवाई, बच्ची के सामने पिता को उठाया; पत्नी बोलीं- सर, बच्ची रो रही हैच्ची रो रही है. इन्होंने किया है शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों के साथ ऐसा क्यों कर रहे हो. ये शब्द हैं, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वाले उन लोगों के जिनके सामने उनके एक साथी को पुलिस जबरदस्ती प्रदर्शन स्थल से उठाकर अपने साथ लेकर जा रही है. इस वीडियो को काॅकरोच जनता पार्टी के ऑफिशियल एक्स हैंडल से पोस्ट किया गया है. काॅकरोच जनता पार्टी ने दिल्ली पुलिस के लिए एक मैसेज अपने एक्स हैंडल पर लिखा है, जिसमें यह कहा गया है कि कृपया शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों को हिरासत में ना लें.

बच्ची और पत्नी चीख रहे हैं, लेकिन पुलिस को नहीं पड़ रहा है फर्क


एक प्रदर्शनकारी को जब उसकी बच्ची और पत्नी के सामने 4-5 पुलिसकर्मी अपने साथ लेकर जाने लगते हैं तो उसकी पत्नी पुलिसकर्मियों के पीछे भागती हुई आती है और कहती है कि मेरी बच्ची रो रही है, प्लीज इन्हें लेकर मत जाओ. महिला अपने गोद में बच्ची को ली हुई नजर आ रही हैं. साथ ही एक आदमी की आवाज भी वीडियो में साफ सुनाई दे रही है, जो एक प्रदर्शनकारी ही है. वो ये कह रहा है कि आखिर इन्होंने किया क्या है? शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई क्यों की जा रही है?

मैंने इन्हें 20 तारीख के लाठीचार्ज के लिए थैंक्यू बोला

जिस व्यक्ति को पुलिस अपने साथ लेकर जा रही है, वह वीडियो में यह कहता नजर आ रहा है कि मैंने इन्हें कल (20 जुलाई) के लाठीचार्ज के लिए थैंक्यू बोला. यही मेरा दोष है, इसलिए मेरी बच्ची के सामने ये मुझे उठाकर लेकर जा रहे हैं. हालांकि बाद में वीडियो में एक वरिष्ठ पुलिसकर्मी दिखाई पड़ता है, तो यह कहता है कि छोड़ देंगे. कुछ देर बाद छोड़ देंगे.

सीजेपी का ऐलान प्रदर्शन जारी रहेगा

काॅकरोच जनता पार्टी की ओर से बुधवार को यह कहा गया है कि उनकी यह डिमांड है कि 20 तारीख को जंतर-मंतर पर जो कुछ हुआ, उसके लिए किसी पर भी एफआईआर दाखिल नहीं होना चाहिए. जो एफआईआर हुआ है उसे भी वापस लेने की मांग सीजेपी कर रही है. साथ ही यह घोषणा भी की गई है कि यह आंदोलन अभी और तेज होगा.

ये भी पढ़ें : CJP Protest Live: जंतर-मंतर पर 33वें दिन भी जारी आंदोलन, आशुतोष रांका बोले- FIR वापस ले सरकार


प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >