वैक्सीन निर्माता कंपनियों के प्रमुखों से मिले पीएम नरेंद्र मोदी, बच्चों के टीका पर भारत बायोटेक ने कही ये बात

PM Narendra Modi Meets Vaccine Companies: डॉ कृष्णा एला ने उम्मीद जतायी की जल्द ही बच्चों को लगाये जाने वाला वैक्सीन बनाने का लाइसेंस डीजीसीआई की ओर से मिल जायेगा.

नयी दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वैक्सीन बनाने वाली स्वदेशी कंपनियों के प्रमुखों की बैठक में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे की तारीफ की. प्रधानमंत्री ने वैक्सीन बनाने वाली कंपनियों की तारीफ करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से ही भारत इतने कम समय में 100 करोड़ वैक्सीन की डोज लगाने में कामयाब हो सका. वहीं वैक्सीन बनाने वाली कंपनियों के प्रमुखों ने कहा कि इसके पहले कभी सरकार और वैक्सीन उद्योग के बीच ऐसा सहयोग नहीं देखा गया.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के पहले भारत बायोटेक के चेयरमैन ने कहा कि कोरोना वैक्सीन की 100 डोज लगाने में भारत सरकार से लेकर आम आदमी तक ने अहम भूमिका निभायी है. सामूहिक प्रयास से ही भारत ने इतनी बड़ी उपलब्धि हासिल की है. भारत बायोटेक के प्रमुख डॉ कृष्णा एला ने कहा है कि बच्चों के टीका को मंजूरी मिलने का हमें इंतजार है.

डॉ कृष्णा एला ने उम्मीद जतायी की जल्द ही बच्चों को लगाये जाने वाला वैक्सीन बनाने का लाइसेंस डीजीसीआई की ओर से मिल जायेगा. इसके बाद वैक्सीन का उत्पादन शुरू हो जायेगा. साथ ही देश के नौनिहालों को भी कोरोना वायरस के संक्रमण से प्रतिरक्ष प्रणाली मिल जायेगी. यानी उनका टीकाकरण अभियान भी शुरू कर दिया जायेगा.

भारत बायोटेक के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर (सीएमडी) श्री एला ने कहा कि उनकी कंपनी ने दो फेज के ट्रायल कर लिये हैं. ट्रायल में वैक्सीन ने बेहतरीन रिजल्ट दिये हैं. उन्होंने कहा कि अगर बच्चों का वैक्सीन बनाने का लाइसेंस मिल जाता है, तो उससे बच्चों को कोरोना से लड़ने वाली इम्यूनिटी मिल जायेगी और वैश्विक महामारी के संक्रमण के फैलने का खतरा कम हो जायेगा.

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प्रधानमंत्री के साथ बैठक के बाद सीरम इंस्टीट्यूट के सायरस पूनावाला ने कहा कि पीएम ने अपने ही अंदाज में कोरोना के खिलाफ जंग को तेज किया. स्वास्थ्य मंत्रालय के जरिये उन्होंने वैक्सीनेशन की रफ्तार बढ़ायी. अगर पीएम सक्रिय न होते, तो भारत 100 करोड़ वैक्सीन की डोज इतनी जल्दी लगाने में कतई सफल नहीं होता.

बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैक्सीन निर्माता कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट के अदार पूनावाला से भी बात की. बैठक में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया और स्वास्थ्य राज्यमंत्री भारती प्रवीण पवार भी शामिल थीं.

उल्लेखनीय है कि 18 साल से कम उम्र के बच्चों का अब तक कोई भी टीका बाजार में उपलब्ध नहीं है. कई कंपनियां वैक्सीन बना रही हैं, लेकिन किसी के उत्पाद को अब तक मंजूरी नहीं मिली है. हालांकि, 18 साल से अधिक उम्र के लोगों को कोरोना का टीका लगाने में भारत सरकार ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है. 100 करोड़ से अधिक कोरोना टीका की खुराक लोगों को दी जा चुकी है.

Posted By: Mithilesh Jha

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