Fact Check: वायरल हो रहे इस पत्र में राष्ट्रपति को संबोधित करते हुए लिखा गया है कि 'व्यक्तिगत एवं राजनीतिक उत्तरदायित्व स्वीकार करते हुए' प्रधानमंत्री पद से त्यागपत्र दिया जा रहा है. इस पत्र पर फर्जी दस्तखत के साथ '24 मई 2025' की तारीख भी अंकित की गई है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लोग इसे तरह-तरह के दावों के साथ शेयर कर रहे हैं.
PIB ने किया फर्जीवाड़े का खुलासा
PIB Fact Check ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के जरिए स्पष्ट किया है कि पत्र पूरी तरह फर्जी है. पीआईबी ने बताया, "प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से ऐसा कोई पत्र जारी नहीं किया गया है." PIB ने बताया, इस पत्र पर किए गए हस्ताक्षर फर्जी हैं और इसका हकीकत से कोई लेना-देना नहीं है.
आधिकारिक सूत्रों पर ही करें विश्वास
सरकारी एजेंसी PIB ने नागरिकों को सलाह दी है कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले किसी भी संवेदनशील या चौकाने वाले दावे पर तुरंत भरोसा न करें. किसी भी खबर या दावे पर यकीन करने से पहले हमेशा सरकारी एवं आधिकारिक स्रोतों से उसकी पुष्टि करें.
वायरल पोस्ट को लेकर रहें सावधान
पीआईबी ने कहा, पर्सनल या फाइनेंशियल जानकारी शेयर करने या कोई भी फाइनेंशियल इन्वेस्टमेंट करने से पहले खास सावधानी बरतें.
ये भी पढ़ें: संसद भवन में पीएम मोदी ने की हाई लेवल बैठक, राजनाथ-जयशंकर और डोभाल समेत कई दिग्गज रहे मौजूद
