तमिलनाडु के सीएम जोसेफ विजय को पीएम मोदी ने दी बधाई, कहा-शानदार कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं

CM Joseph Vijay : तमिलनाडु में 1967 के बाद किसी ऐसे सीएम ने शपथ ली है, जो द्रविड़ आइडेंटिटी की राजनीति से अलग राजनीति कर रहे हैं. विजय ने सामाजिक न्याय के मुद्दे को अपनी राजनीति का आधार बनाया है और आम जनता को उनका हक दिलाने की बात कही है.

CM Joseph Vijay : जोसेफ विजय ने तमिलनाडु के सीएम पद की शपथ ले ली है. इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें बधाई दी. पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट लिखा कि तमिलनाडु का मुख्यमंत्री पद संभालने पर सी जोसेफ विजय को बधाई.

शानदार हो सीएम विजय का कार्यकाल

प्रधानमंत्री मोदी ने विजय को बधाई देते हुए उनके कार्यकाल के शानदार होने की शुभकामनाएं दी. पीएम ने अपने संदेश में कहा कि केंद्र सरकार हमेशा तमिलनाडु के विकास और वहां की जनता की जिंदगी को बेहतर बनाने के लिए तमिलनाडु सरकार के साथ पार्टनरशिप में काम करती रहेगी.

सामाजिक न्याय को मजबूती मिलेगी

कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने पर विजय और यूपीए गठबंधन को बधाई दी. उन्होंने कहा कि इस सरकार का गठन आत्मसम्मान, सामाजिक न्याय और सशक्तीकरण की अटूट शक्ति की पुष्टि करता है. विजय के शपथग्रहण के बाद खरगे ने कहा कि हमें भरोसा है कि विजय के नेतृत्व में तमिलनाडु की राजनीतिक और सामाजिक चेतना को परिभाषित करने वाले आदर्श, सरकार का मार्गदर्शन करते रहेंगे. 1967 के बाद ऐसा पहली बार हुआ कि तमिलनाडु में डीएमके या एआईएडीएमके के अलावा किसी दूसरी पार्टी की सरकार बनी है.विजय के शपथग्रहण में राहुल गांधी, विजय के माता-पिता एसए चंद्रशेखर और शोभा चंद्रशेखर, और तमिल फिल्म इंडस्ट्री की कई हस्तियां मौजूद थीं, जिनमें तृषा कृष्णन भी शामिल थीं.

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Published by: Rajneesh Anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है.पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव रखती हैं. झारखंड की राजधानी रांची में रहने वाली रजनीश ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 2000-01 में पत्रकारिता की शुरुआत की. इन्होंने पहली नौकरी झारखंड जागरण दैनिक अखबार में की. उसके बाद इन्होंने प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस तथा दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य संस्करणों में काम करने के बाद वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. रजनीश आनंद की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, गहन शोध और विश्लेषणात्मक लेखन के लिए है. उनकी रुचि राजनीति, सामाजिक सरोकारों, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों में रही है। उन्होंने हमेशा उन मुद्दों को प्राथमिकता दी है जो समाज के हाशिये पर खड़े लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की चर्चा में अपेक्षाकृत कम स्थान पाते हैं. वे कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर विस्तृत अध्ययन और रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर कार्य किया. इसके अतिरिक्त सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत उन्होंने बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की. आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है. हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों, रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं. उनका मानना है कि ऊर्जा परिवर्तन की प्रक्रिया तभी सफल होगी जब उसमें प्रभावित समुदायों की भागीदारी और हितों को केंद्र में रखा जाए.पत्रकारिता उनके लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम है. जमीनी रिपोर्टिंग, तथ्यों की पड़ताल और जनसरोकारों को केंद्र में रखकर लिखना उनकी कार्यशैली की विशेषता रही है. इसके अतिरिक्त रजनीश आनंद कहानियां और कविताएं लिखने का शौक भी रखती है.

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