करतारपुर साहिब के सामने पाकिस्तान में एक माॅडल के फोटोशूट के बाद भारत ने अपना विरोध दर्ज कराने के लिए पाकिस्तान के दूसरे सबसे वरिष्ठ राजनियक को तलब किया और इस घटना पर गहरी चिंता और विरोध दर्ज कराया.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने एक बयान में कहा कि पाकिस्तानी राजनयिक को तलब करके यह बताया गया कि इस निंदनीय घटना ने भारत और दुनिया भर में सिख समुदाय की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंचाई है.
करतार पुर साहिब के प्रति यह अपमानजनक रवैया पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के प्रति वहां की सरकार के दृष्टिकोण को दर्शाता है. अरिंदम बागची ने कहा कि भारत ने यह मांग की है कि इस निंदनीय घटना की जांच हो और जो लोग भी इसमें शामिल हों, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाये.
विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदायों के धार्मिक पूजा स्थलों के अपमान और अनादर की इस तरह की लगातार होती घटनाएं इन समुदायों की आस्था के प्रति सम्मान की कमी को उजागर करती है.
गौरतलब है कि कोविड महामारी की वजह से करतापुर काॅरिडोर को बंद कर दिया गया था, लेकिन कोरोना संक्रमण के मामलों के घटने के बाद इसे गुरु नानक देव के प्रकाश पर्व यानी 19 नवंबर को खोला गया. सरकार के इस फैसले का पूरे देश में स्वागत हुआ था.
क्या है विवाद
पाकिस्तान के एक फैशन ब्रांड मन्नत ने करतारपुर के गुरुद्वारा दरबार साहिब में एक मॉडल का फोटो शूट करवाया जिसमें उसने अपना सिर नहीं ढंका है. ज्ञात हो कि जैसे ही माॅडल का फोटो अपलोड हुआ विवाद शुरू हो गया क्योंकि किसी भी गुरुद्वारे में सिर को ढंके बिना प्रवेश वर्जित है. विवाद के बाद मन्नत ब्रांड ने अपने सोशल मीडिया हैंडिल से तसवीरों को हटा दिया.
वहीं पाकिस्तान के पंजाब के मुख्यमंत्री उस्मान बुजदार ने विवाद के बाद इस संबंध में राज्य के मुख्य सचिव से रिपोर्ट मांगी. बुजदार ने एक बयान में कहा कि मामले की जांच की जाएगी. उन्होंने आगे दोहराया कि पाकिस्तान में सभी धर्मों का सम्मान किया जाता है. इस फोटोशूट में शामिल मॉडल सौलेहा ने इंस्टाग्राम पर माफी मांगी है. सौलेहा ने लिखा- मैं सिख संस्कृति, धर्म का बहुत सम्मान करती हूं और मैं सबसे माफी माफी चाहती हूं किसी की धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाने का कोई इरादा नहीं था.
