Operation Mahadev : संसद में बोले अमित शाह- पहलगाम हमले के दोषी तीनों आतंकियों को मार गिराया गया

Operation Mahadev : गृहमंत्री अमित शाह ने संसद को बताया कि पहलगाम हमले के दोषी आतंकी सुलेमान, जिब्रान और हमजा अफगानी मारा गया है. इन आतंकियों की जानकारी 22 जुलाई को सेंसर के जरिए मिली थी.

Operation Mahadev : ऑपरेशन महादेव के दौरान मारे गए तीनों आतंकी पहलगाम हमले से जुड़े थे, यह बयान गृहमंत्री अमित शाह ने ऑपरेशन सिंदूर पर आयोजित बहस के दौरान लोकसभा में दिया है. उन्होंने कहा कि हमारी सेना ने लश्कर कमांडर सुलेमान, हमजा अफगानी और जिब्रान को मार गिराया है.22 जुलाई को सेंसर से आतंकियों की पुष्टि हुई थी. गृहमंत्री ने बताया कि इन तीनों आतंकियों की पुष्टि के लिए इनके हथियारों और कारतूसों का मिलान भी किया गया.

आतंकी सुलेमान, लश्कर ए तैयबा का A श्रेणी का कमांडर था

अमित शाह ने संसद में बताया कि हमारे निर्दोष नागरिकों को मारने वाले आतंकियों का मारा जाना हमारी सुरक्षाबलों की सफलता है, जिसपर हमारे देश के 140 करोड़ लोगों को गर्व होना चाहिए. गृहमंत्री ने बताया कि सुलेमान, लश्कर ए तैयबा का A श्रेणी का कमांडर था, वह पहलगाम और गगनगीर आतंकी हमले में वो लिप्त था, इसके बहुत सारे सबूत हमारी एजेंसियों के पास हैं. मारे गए दूसरे और तीसरे आतंकी अफगानी और जिब्रान भी A ग्रेड के आतंकवादी थे.

पहलगाम हमले के पीड़ित परिवारों को मिलेगी खुशी

अमित शाह ने कहा कि मैं संसद के जरिए एक बार फिर पहलगाम में धर्म पूछकर मारे गए निर्दोष लोगों की हत्या की निंदा करता है. मैं घटना के बाद उन परिवारों से मिला था और उनका दर्द आज भी मेरे आंखों के सामने है. इस हमले के बाद एनआईए ने 1055 लोगों से पूछताछ की है. मैं उन परिवारों को बताना चाहता हूं कि मोदी जी ने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए उन लोगों को भेजने वालों को मारा और आज हमारे सुरक्षा बलों ने उन लोगों को भी मारा जिन्होंने हत्याएं की थी.

गृहमंत्री ने विपक्ष को निशाने पर लिया

लोकसभा में ऑपरेशन महादेव की जानकारी देते हुए गृहमंत्री अमित शाह ने विपक्ष को निशाने पर लिया. उन्होंने कहा कि मुझे लगा था कि मैं जब संसद में यह जानकारी दूंगा तो पक्ष-विपक्ष दोनों ओर के लोग खुश होंगे, लेकिन विपक्ष किस तरह की राजनीति कर रहा है कि उसे आतंकियों के मारे जाने का भी दुख नहीं है. उन्होंने कांग्रेस नेता पी चिदंबरम पर हमला करते हुए कहा कि कल उन्होंने कहा था कि आतंकी कहां से आएं और इसके लिए कौन जिम्मेदार है. मैं उन्हें यह बताना चाहता हूं कि जिम्मेदारी तो हमारी है क्योंकि हम सरकार में हैं और आज मैं इस स्थिति में हूं कि उन्हें बता सकूं कि आतंकी पाकिस्तानी थे. हमारे पास प्रूफ हैं कि वो तीनों पाकिस्तानी थे. तीन में से दो के पाकिस्तानी वोटर नंबर भी हमारे पास उपलब्ध हैं. उनके हथियार पाकिस्तान में बने हुए हैं, इसके बावजूद चिदंबरम ये कहते हैं कि वो पाकिस्तानी नहीं थे, इसका मतलब है कि देश का एक पूर्व गृह मंत्री पूरी दुनिया के सामने पाकिस्तान को क्लीनचिट दे रहा है.

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By Rajneesh anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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