North-East: आने वाले समय में उत्तर-पूर्व के युवाओं को स्थानीय स्तर पर मिलेगा रोजगार

उत्तर-पूर्व के राज्यों में होने वाली हिंसा में व्यापक कमी आयी है. वर्ष 2004 से वर्ष 2024 के दौरान हिंसा के मामले में 70 फीसदी की कमी आयी है. यही नहीं इस दौरान हिंसा में मारे जाने सुरक्षाकर्मियों की संख्या में 70 फीसदी और आम नागरिकों की संख्या में 89 फीसदी की कमी दर्ज की गयी.

North-East: उत्तर-पूर्व के राज्यों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए मौजूदा केंद्र सरकार ने कई कदम उठाए हैं. सरकार की कोशिश आने वाले दाे साल में उत्तर-पूर्व के राज्यों की राजधानी को रेल, रोड और एयरलाइन से जोड़ने की है. भाजपा सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि उत्तर-पूर्व के राज्यों की देश से दूरी कम करना है. अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद(एबीवीपी) द्वारा आयोजित नॉर्थ-ईस्ट स्टूडेंट और युवा संसद को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने यह बात कही. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के दौरान उत्तर-पूर्व के राज्यों में होने वाली हिंसा में व्यापक कमी आयी है. वर्ष 2004 से वर्ष 2024 के दौरान हिंसा के मामले में 70 फीसदी की कमी आयी है. 


उत्तर-पूर्व के राज्यों में वर्ष 2004-14 के दौरान हिंसा के 11 हजार मामले सामने आए थे, जो वर्ष 2014-2024 के दौरान घटकर 3428 हो गए. यही नहीं इस दौरान हिंसा में मारे जाने सुरक्षाकर्मियों की संख्या में 70 फीसदी और आम नागरिकों की संख्या में 89 फीसदी की कमी दर्ज की गयी. गृह मंत्री ने कहा कि उत्तर-पूर्व के राज्यों में शांति बहाली के लिए केंद्र सरकार ने पिछले एक दशक में 12 महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किया है. समझौते के कारण 10500 से अधिक हथियारबंद लोगों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में शामिल होने का फैसला लिया है. 

उत्तर-पूर्व में विकास को मिल रही है नयी दिशा


गृह मंत्री ने कहा कि पिछले 10 साल में प्रधानमंत्री ने उत्तर-पूर्व के विकास को प्राथमिकता देने के लिए हर महीने एक केंद्रीय मंत्री को उन राज्यों में रुकने का निर्देश दिया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उत्तर-पूर्व के प्रति सोच का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि आजादी के बाद असम को छोड़कर वर्ष 2014 तक प्रधानमंत्री की ओर से 21 बार दौरा किया गया, जबकि पिछले 10 साल में नरेंद्र मोदी ने 78 बार उत्तर-पूर्व का दौरा किया है. 


असम में 2700 करोड़ रुपये की लागत से सेमीकंडक्टर प्लांट लगाया जा रहा है और इसके अलावा उत्तर-पूर्व में 2.5 लाख करोड़ रुपये का निवेश हो रहा है. गृह मंत्री ने कहा कि आने वाले 10 साल में उत्तर-पूर्व के राज्यों के किसी युवा को शिक्षा और रोजगार के लिए अपने राज्य से पलायन नहीं करना होगा. केंद्र सरकार की कोशिश उत्तर-पूर्व के हर राज्य में रोजगार के उचित मौके मुहैया कराना है. 

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