NALSAR Controversy : NALSAR विवाद के बीच NLSIU के छात्रों की नाराजगी खबरों में है. छात्रों ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन मनन कुमान मिश्रा और सीजेआई सूर्यकांत NLSIU (नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी) के दीक्षांत समारोह में शामिल होने पर आपत्ति जताई है. छात्रों ने NALSAR विवाद को लेकर BCI से छात्रों और फैकल्टी से बिना शर्त माफी मांगने की मांग की है.
165 ग्रेजुएट होने वाले छात्रों, 409 मौजूदा छात्रों और 128 पूर्व छात्रों के हस्ताक्षर वाले बयान में BCI की कार्रवाई को अभिव्यक्ति की आजादी से जोड़ते हुए सवाल उठाए गए हैं. छात्रों का कहना है कि BCI चेयरमैन को अकेले ऐसे निर्देश जारी करने का अधिकार नहीं है. उन्होंने BCI के आधिकारिक लेटरहेड के इस्तेमाल को लेकर भी स्पष्टीकरण मांगा है.
NALSAR विवाद के बाद बढ़ा मामला
विवाद 13 अगस्त को BCI के उन फैसलों के बाद शुरू हुआ, जब NALSAR के 2026 बैच के छात्रों का एनरोलमेंट पहले रोका गया और कुछ घंटों बाद बहाल कर दिया गया. यह कार्रवाई छात्रों और फैकल्टी की ओर से दीक्षांत समारोह में CJI सूर्यकांत की प्रस्तावित मौजूदगी पर आपत्ति जताए जाने के बाद हुई थी.
NLSIU छात्रों ने NALSAR के छात्रों और फैकल्टी की ओर से अपनी बात रखने के अधिकार का समर्थन किया है. बयान में BCI के उस निर्देश पर भी आपत्ति जताई गई है, जिसमें अपनी बात रखने वाले छात्रों और फैकल्टी की पहचान करने की बात कही गई थी. छात्रों ने इसे विच हंट यानी उत्पीड़न बतायाय
BCI से माफी और कार्रवाई पर स्पष्टीकरण की मांग
छात्रों ने BCI से NALSAR के छात्रों और फैकल्टी की अभिव्यक्ति की आजादी के कथित उल्लंघन के लिए बिना शर्त माफी मांगने की मांग की है. साथ ही चेयरमैन द्वारा BCI के आधिकारिक लेटरहेड के इस्तेमाल से जुड़े नियमों को स्पष्ट करने को कहा है.
NLSIU छात्रों ने मनन कुमार मिश्रा के विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल होने पर भी नाराजगी जताई. उन्होंने NALSAR की उस मांग का समर्थन किया, जिसमें CJI सूर्यकांत को दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में बुलाने के फैसले पर दोबारा विचार करने की बात कही गई थी. साथ ही, छात्रों ने उन्हीं कारणों से NLSIU के दीक्षांत समारोह में CJI की मौजूदगी पर भी आपत्ति दर्ज कराई है.
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