Naxal Encounter: 1.1 करोड़ का इनामी नक्सली गणेश मुठभेड़ में ढेर, अमित शाह बोले- भारत जल्द होगा नक्सल-मुक्त

Naxal Encounter: ओडिशा के कंधमाल जिले में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में शीर्ष माओवादी गणेश उइके सहित छह नक्सली मारे गए. भाकपा (माओवादी) केंद्रीय समिति के सदस्य उइके ओडिशा में प्रतिबंधित संगठन का प्रमुख था और उस पर 1.1 करोड़ रुपये का इनाम था. सुरक्षाबलों की कामयाबी पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने खुशी जाहिर की और फिर से नक्सल मुक्त भारत की बात दोहराई.

Naxal Encounter: बुधवार रात बेलघर थाना क्षेत्र के गुम्मा जंगल में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में छत्तीसगढ़ के दो माओवादी मारे गए. गुरुवार सुबह चकापाड थाना क्षेत्र के एक जंगल में फिर से मुठभेड़ हुई, जिसमें उइके समेत चार अन्य माओवादी मारे गए. गोलीबारी में मारे गए चार माओवादियों में एक की पहचान 69 वर्षीय गणेश उइके के रूप में हुई. वह तेलंगाना के नलगोंडा जिले के चेंदूर मंडल के पुल्लेमाला गांव का निवासी था.

नक्सल-मुक्त भारत की दिशा में महत्वपूर्ण मील का पत्थर : शाह

टॉप नक्सली गणेश उइके और पांच अन्य नक्सलियों के मारे जाने पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इसे नक्सल-मुक्त भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया. उन्होंने कहा, ओडिशा के कंधमाल में चलाये गये एक बड़े अभियान में केंद्रीय समिति के सदस्य गणेश उइके समेत छह नक्सलियों को मार गिराया गया है. इस बड़ी सफलता के साथ ओडिशा नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त होने की कगार पर है. हम 31 मार्च 2026 से पहले नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

माओवादियों की कमर टूट गई : डीजीपी

कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए डीजीपी वाई बी खुरानिया ने कहा, बुधवार को दो माओवादी मारे गए और आज सुबह चार को निष्क्रिय कर दिया गया. केंद्रीय समिति के एक सदस्य का मारा जाना ओडिशा पुलिस के लिए एक बड़ी सफलता है. इससे राज्य में माओवादियों की कमर टूट गई है. उन्होंने कहा, कंधमाल-गंजम अंतर-जिला सीमा के विभिन्न स्थानों पर अभियान जारी हैं और हमें और अधिक सफलता की उम्मीद है. हाल के समय में ओडिशा में माओवादियों के खिलाफ यह सबसे बड़े अभियानों में से एक है. हम इस अभियान में शामिल सुरक्षाकर्मियों को धन्यवाद देते हैं. हम केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्च 2026 तक नक्सलवाद को खत्म करने के लक्ष्य को पूरा करने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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