National Herald Case : नेशनल हेराल्ड से जुड़े कथित धनशोधन मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और अन्य पक्षकारों को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की याचिका पर जवाब दाखिल करने के लिए तीन सप्ताह का समय दिया है. पीटीआई न्यूज एजेंसी के मुताबिक,जज मनोज जैन ने कहा कि अदालत इस मामले की सुनवाई 10 सितंबर को करेगी.
अदालत ने सुनवाई टालने की बताई वजह
सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति मनोज जैन ने कहा कि अदालत की कार्यसूची पहले से ही बेहद व्यस्त है और उसी दिन दो अन्य महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई भी निर्धारित है. इसी कारण इस मामले पर विस्तृत बहस नहीं हो सकी. प्रतिवादियों की ओर से वरिष्ठ वकील ने जवाब दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय देने का अनुरोध किया, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया.
ईडी की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि इस मामले में निचली अदालत का फैसला ‘पूरी तरह गलत’ है और उच्च न्यायालय द्वारा दो महीने पहले समय दिए जाने के बावजूद प्रतिवादियों ने अब तक कोई जवाब दाखिल नहीं किया है. सॉलिसिटर जनरल ने दलील दी कि यह केवल कानून से जुड़ा सवाल है. जवाब दाखिल करने के लिए दो महीने पहले समय दिया गया था. मैं जवाब दाखिल करने का विरोध नहीं कर सकता. यह पूरी तरह से कानून का सवाल है.
ईडी ने निचली अदालत के आदेश को बताया गलत
ईडी की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दलील दी कि निचली अदालत का फैसला पूरी तरह कानून के विपरीत है. उन्होंने कहा कि हाई कोर्ट पहले ही दो महीने का समय दे चुका था, लेकिन अब तक जवाब दाखिल नहीं किया गया. सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि यह मामला पूरी तरह कानूनी व्याख्या का है और निचली अदालत का आदेश टिक नहीं सकता.
निचली अदालत ने संज्ञान लेने से किया था इनकार
निचली अदालत ने 16 दिसंबर 2025 को ईडी के आरोपपत्र पर संज्ञान लेने से इनकार करते हुए कहा था कि शिकायत किसी प्राथमिकी (एफआईआर) पर आधारित नहीं है, इसलिए उस पर कार्रवाई कानूनन स्वीकार्य नहीं है. इसके बाद ईडी ने इस आदेश को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी थी.
गांधी परिवार समेत कई अन्य भी पक्षकार
इस मामले में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के अलावा सुमन दुबे, सैम पित्रोदा, यंग इंडियन, डोटेक्स मर्चेंडाइज प्राइवेट लिमिटेड और सुनील भंडारी भी पक्षकार हैं. अब 10 सितंबर को होने वाली सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं, क्योंकि इसी दिन हाई कोर्ट ईडी की याचिका पर आगे की कानूनी दिशा तय कर सकता है.
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