Mumbai EVM Case: क्या EVM पर लग जाएगा प्रतिबंध? विवाद के बीच डीके शिवकुमार का आया बड़ा बयान

Mumbai EVM Case: लोकसभा चुनाव 2024 समाप्त होने के बाद ईवीएम हैकिंग का मुद्दा सुर्खियों में है. इसपर राजनीति जारी है. तमाम विपक्षी पार्टियों ने ईवीएम पर बैन लगाने और बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग कर रहे हैं.

Mumbai EVM Case: कर्नाटक के डिप्टी मुख्यमंत्री और कांग्रेस के चुनाव रणनीतिकार माने जाने वाले डीके शिवकुमार ने ईवीएम विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, न केवल कर्नाटक कांग्रेस बल्कि पूरा देश, सभी राजनीतिक दल – भाजपा को छोड़कर – इस बात पर अड़े हैं कि ईवीएम पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए और हमें मतपत्र का सहारा लेना चाहिए. उन्होंने कहा, केवल मतपत्र ही इस देश और लोकतंत्र को बचा सकता है.

जगन मोहन रेड्डी ने भी ईवीएम की जगह मतप्रत्रों के इस्तेमाल पर दिया जोर

युवजन श्रमिक रायथू कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) के प्रमुख वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने मंगलवार को कहा कि चुनावों में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) की जगह मतपत्रों का इस्तेमाल किया जाना चाहिए. आंध्र प्रदेश में हाल ही में हुए विधानसभा और लोकसभा चुनावों में करारी हार के बाद पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा किया कि लगभग हर उन्नत लोकतंत्र में मतपत्रों का इस्तेमाल होता है. रेड्डी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, दुनिया भर में लगभग हर उन्नत लोकतंत्र में चुनावों में ईवीएम का नहीं, बल्कि मतपत्रों का इस्तेमाल किया जाता है. आंध्र प्रदेश में विपक्ष के नेता ने कहा कि हमारे (भारत) लोकतंत्र की सच्ची भावना को बनाए रखने के लिए हमें भी उसी (डाक मतपत्रों) की ओर बढ़ना चाहिए. उन्होंने कहा, जैसे कि न्याय न केवल होना चाहिए, बल्कि दिखना भी चाहिए कि न्याय हुआ है उसी प्रकार लोकतंत्र भी न केवल कायम रहना चाहिए, बल्कि ऐसा दिखना भी चाहिए.

राहुल गांधी ने भी ईवीएम को हटाने की मांग की दी

ईवीएम की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने निर्वाचन आयोग से मशीनों और प्रक्रियाओं में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने या उन्हें हटाने को कहा. इससे पहले राहुल गांधी ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) कोएक ब्लैक बॉक्स बताया था. उन्होंने कहा था कि किसी को भी इसकी जांच करने की अनुमति नहीं है. साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर गंभीर चिंताएं जताई जा रही हैं.

राहुल, आदित्य को ईवीएम संबंधी खबर पर टिप्पणी के लिए माफी मांगनी चाहिए: निरुपम

शिवसेना नेता संजय निरुपम ने कहा कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और शिवसेना (यूबीटी) विधायक आदित्य ठाकरे को इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) पर एक समाचारपत्र की खबर के आधार पर गलत जानकारी फैलाने के लिए माफी मांगनी चाहिए.

क्या है ईवीएम को लेकर विवाद

दरअसल एक अंग्रेजी अखबार ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया कि मुंबई उत्तर पश्चिम लोकसभा सीट से शिवसेना शिंदे गुट के उम्मीदवार रवींद्र वायकर के एक रिश्तेदार को चार जून को मतगणना के दौरान ईवीएम से जुड़े मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए पाया गया था. आरोप लगाया गया था कि वायकर के रिश्तेदार ने ईवीएम को अनलॉक करने के लिए एक मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया था.

चुनाव आयोग ने अखबार की खबर को झूठ बताया और नोटिस जारी किया

विवाद के बाद निर्वाचन क्षेत्र की रिटर्निंग अधिकारी वंदना सूर्यवंशी अखबार की खबर को झूठी खबर करार देते हुए खारिज कर दिया और कहा कि प्रकाशन को मानहानि का नोटिस जारी किया गया है. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ईवीएम एक स्वतंत्र प्रणाली है, जिसे ‘प्रोग्राम’ नहीं किया जा सकता और इसमें वायरलेस से संचार स्थापित नहीं किया जा सकता. वायकर ने मुंबई की उत्तर-पश्चिम सीट से शिवसेना (यूबीटी) के उम्मीदवार अमोल कीर्तिकर को मात्र 48 मतों से हराया.

Also Read: NEET-UG 2024 : सुप्रीम कोर्ट ने एनटीए और केंद्र को किया नोटिस, कहा-0.001% भी लापरवाही हुई है तो जांच हो

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >