MP Weather : मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय है. उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्र में बना लो-प्रेसर अब पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ रहा है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, इसका असर राज्य के कई हिस्सों में बारिश के रूप में देखने को मिल रहा है.
3 सितंबर को पूर्वी मध्य प्रदेश में अत्यंत भारी बारिश का खतरा बना हुआ है, जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में भारी बारिश के साथ गरज-चमक की स्थिति बन सकती है. IMD भोपाल के 2 सितंबर के चेतावनी अपडेट में पश्चिमी मध्य प्रदेश के लिए 3 सितंबर को भारी बारिश की चेतावनी दी गई थी.
| तारीख | मौसम का पूर्वानुमान | सतर्क रहने वाले इलाके/जोखिम |
| 3 सितंबर | पूर्वी MP में अत्यंत भारी, पश्चिमी MP में भारी बारिश | निचले इलाके, नदी-नाले और जलभराव वाले क्षेत्र |
| 4 सितंबर | पूर्वी MP में बहुत भारी, पश्चिमी MP में भारी बारिश | जलभराव बढ़ने और स्थानीय बाढ़ जैसे हालात का खतरा |
कल 4 सितंबर को पश्चिमी MP में बढ़ेगा बारिश का असर
मौसम विभाग के अनुसार, यह सिस्टम अगले 24 घंटे में दक्षिणी उत्तर प्रदेश और उससे लगे उत्तरी मध्य प्रदेश की ओर बढ़ सकता है. इसके कारण 4 सितंबर को पश्चिमी मध्य प्रदेश में बारिश की गतिविधियां तेज रहने की संभावना है.
IMD भोपाल के ताजा पूर्वानुमान में 4 सितंबर को पश्चिमी मध्य प्रदेश के लिए भारी बारिश की चेतावनी बरकरार है. वहीं पूर्वी मध्य प्रदेश के लिए उस दिन कोई भारी बारिश की चेतावनी नहीं दी गई है.
इस लिहाज से भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, सागर, नर्मदापुरम और चंबल संभाग के लोगों को स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखनी चाहिए. हालांकि, जिलेवार अलर्ट में स्थिति अलग-अलग हो सकती है, इसलिए केवल संभाग के नाम के आधार पर पूरे संभाग में एक जैसी बारिश मानना सही नहीं होगा.
आज भी कई इलाकों में तेज बारिश का दौर
3 सितंबर को पूर्वी मध्य प्रदेश में अत्यंत भारी बारिश का खतरा है. वहीं पश्चिमी मध्य प्रदेश में भारी बारिश के साथ गरज-चमक की चेतावनी है. IMD के मुताबिक, बारिश के साथ कुछ स्थानों पर तेज हवा और आकाशीय बिजली की स्थिति भी बन सकती है.
बारिश का असर सड़क यातायात, निचले इलाकों में जलभराव और स्थानीय जनजीवन पर पड़ सकता है. तेज बारिश के दौरान लोगों को सावधानी बरतने और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करने की जरूरत है.
बांध और जलाशयों पर भी नजर
लगातार बारिश के दौर में प्रदेश के बांधों और जलाशयों में पानी की आवक बढ़ सकती है. हालांकि, किसी बांध के 70 फीसदी तक भर जाने जैसी जानकारी को संबंधित जल संसाधन विभाग या आधिकारिक जलाशय आंकड़ों से अलग से सत्यापित करना जरूरी है.
मौसम विभाग की सलाह
बारिश के दौरान निचले इलाकों और जलभराव वाली सड़कों से बचें. आकाशीय बिजली और गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचना बेहतर है. लंबी यात्रा पर निकलने से पहले अपने जिले का ताजा मौसम और चेतावनी अपडेट जरूर देख लें.
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