Indian Army Power: सेना को और पावरफुल बनाएगी मोदी सरकार, सुनकर छूट रहे दुश्मन के पसीने

Indian Army Power : हथियारों को लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में साउथ ब्लॉक में एक बैठक होने वाली है. इस बैठक में कई टॉप अधिकारी भी शामिल होंगे. जानें इस बैठक का मकसद क्या है?

Indian Army Power : भारत लगातार सेना की शक्ति बढ़ाने पर फोकस कर रहा है. चीन के साथ एलएसी के कई पोइंट्स पर टेंशन के बीच रक्षा मंत्रालय कई अहम प्रोजेक्ट्स शुरू करने का प्लान तैयार कर रहा है. प्रोजेक्ट्स के तहत भारतीय नौसेना के लिए 7 अडवांस्ड वॉरशिप यानी युद्धपोत तैयार किए जाने की तैयारी चल रही है. भारतीय सेना को उसके टी-72 टैंकों की जगह उसे मॉडर्न फ्यूचर रेडी कॉम्बैट व्हीकल्स (एफआरसीवी) जल्द दिए जाएंगे ताकि उसकी ताकत में इजाफा हो और देश के दुश्मनों को समय पर करारा जवाब दिया जा सके.

समाचार एजेंसी एएनआई ने इस बाबत खबर दी है. हथियारों को लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में 3 सितंबर को यानी आज साउथ ब्लॉक में एक बैठक होने वाली है जिसमें कई टॉप अधिकारी भी शामिल होंगे. चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस), तीनों सेनाओं के प्रमुख, रक्षा सचिव और अन्य प्रमुख अधिकारी बैठक में पहुंचेंगे. दोनों सेनाओं को सौंपे जाने वाले हथियारों के लिए प्रोजेक्ट्स की खरीद पर करीब 1,20,000 करोड़ रुपये की लागत आ सकती है.

भारतीय नौसेना को मिलेंगे सात नए युद्धपोत

रक्षा अधिकारियों के हवाले से मीडिया में खबर चल रही है कि भारतीय नौसेना को प्रोजेक्ट 17 ब्रावो के तहत 7 नए युद्धपोत सौंपने की तैयारी है. ये युद्धपोत देश में अब तक निर्मित सबसे अडवांस्ड खुफिया युद्धपोत होंगे. रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) की बैठक में ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत प्राइवेट सेक्टर के शिपयार्ड्स सहित भारतीय शिपयार्ड्स को लगभग 70,000 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया जा सकता है.

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डीएसी की होने वाली बैठक में क्या होगा खास और कितनी बढ़ेगी सेना की ताकत?

1. रूसी मूल के टी-72 टैंकों को 1,700 एफआरसीवी से बदलने के भारतीय सेना के प्रस्ताव को मंजूरी मिल सकती है.
2. टी-72 को स्वदेशी एफआरसीवी से बदलने के प्लान पर चर्चा हो सकती है. इसे रक्षा अधिग्रहण प्रक्रिया की मेक-1 प्रक्रिया के तहत बनाया जाएगा.
3. सेना का टारगेट एफआरसीवी प्रोजेक्ट पर है. इसमें हर फेज में लगभग 600 टैंक तैयार किए जाएंगे.

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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