Fact Check: कोरोना वैक्सीन लेने वालों को मोदी सरकार देगी 5000 रुपये? जानें वायरल मैसेज का सच

कोरोना वैक्सीन को लेकर जो मैसेज तेजी से सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है. उसमें दावा किया जा रहा है कि जिन लोगों ने कोविड वैक्सीन लगवा ली है उन्हें एक ऑनलाइन फॉर्म भरने के बाद प्रधानमंत्री जन कल्याण विभाग द्वारा 5,000 रुपये प्रदान किए जा रहे हैं.

भारत ने कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में बड़ी जीत दर्ज कर ली है. जिसमें वैक्सीन ने बड़ी भूमिका अदा की. करीब-करीब देश के सभी लोगों ने कोरोना वैक्सीन लगवा लिया है. यही कारण है कि देश में संक्रमण के मामले में कम आ रहे हैं. केंद्र सरकार ने देश के सभी लोगों के लिए मुफ्त वैक्सीन की व्यवस्था की, जिससे टीकाकरण में तेजी आयी और कोरोना के खिलाफ जंग में बड़ी जीत मिली. जिस वैक्सीन ने लोगों की जान बचायी, अब उसी वैक्सीन को जरिया बनाकर साइबर अपराधी लोगों को अपनी साजिश में फंसा रहे हैं. इस समय एक मैसेज तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. जिसमें दावा किया जा रहा है कि कोरोना वैक्सीन लेने वालों को मोदी सरकार कैश पुरस्कार देगी.

क्या है वायरल मैसेज में

दरअसल कोरोना वैक्सीन को लेकर जो मैसेज तेजी से सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है. उसमें दावा किया जा रहा है कि जिन लोगों ने कोविड वैक्सीन लगवा ली है उन्हें एक ऑनलाइन फॉर्म भरने के बाद प्रधानमंत्री जन कल्याण विभाग द्वारा 5,000 रुपये प्रदान किए जा रहे हैं. वायरल मैसेज में एक लिंक भी दिया गया है. जिसमें कहा गया कि फॉर्म भरकर लोग इसका लाभ ले सकते हैं.

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वायरल मैसेज की सच

कोरोना वैक्सीन को लेकर जो मैसेज वायरल हो रहा है, उसमें 5000 रुपये मोदी सरकार की ओर से मिलने का जो दावा किया जा रहा है, वह पूरी तरह से फर्जी है. मैसेज वायरल होने के बाद पीआईबी फैक्ट चेक की टीम ने जांच की और पाया कि मैसेज फर्जी है. पीआईबी ने वायरल मैसेज को शेयर किया और लोगों से आग्रह किया कि इस मैसेज को फॉरवर्ड न करें. मालूम हो सोशल मीडिया में रोजाना ऐसे कई मैसेज वायरल होते हैं, जिसमें सरकार की योजना को जरिया बनाकर लोगों को ठगी का शिकार बनाते हैं. इसलिए समय-समय पर लोगों को जागरूक किया जाता रहा है कि कभी भी अपनी निजी जानकारी शेयर नहीं करना चाहिए. खास कर बैंक से जुड़ी जानकारी तो भूलकर भी शेयर नहीं करना चाहिए.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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