प्रवासी मजदूरों को कैसे मिलेगा रोजगार ! 8 जुलाई तक बताएं राज्य सरकार- सुप्रीम कोर्ट का निर्देश

Migrant Labour, Supreme Court : लॉकडाउन में बाहर फंसे प्रवासी मजदूरों को घर पहुंचाने और घर पहुंच चुके मजदूरों को काम दिलाने के मुद्दे पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. सुनवाई के बाद कोर्ट ने आदेश दिया कि 24 जून तक सभी प्रवासी मजदूरों को उनके घर भेज जाये. साथ ही सभी राज्य और केंद्र सरकार बताएं कि प्रवासी कामगारों को रोजगार देने के लिए उनके पास क्या योजनाएं है?

By Prabhat Khabar Print Desk | June 9, 2020 12:43 PM

नयी दिल्ली : लॉकडाउन में बाहर फंसे प्रवासी मजदूरों को घर पहुंचाने और घर पहुंच चुके मजदूरों को काम दिलाने के मुद्दे पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. सुनवाई के बाद कोर्ट ने आदेश दिया कि 24 जून तक सभी प्रवासी मजदूरों को उनके घर भेज जाये. साथ ही सभी राज्य और केंद्र सरकार बताएं कि प्रवासी कामगारों को रोजगार देने के लिए उनके पास क्या योजनाएं है?

समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार आज सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस एम‌‌ आर शाह की पीठ ने सुनवाई की. सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पक्ष रखा. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि जो प्रवासी कामगार घर गये हैं, उनकी रोजगार की व्यवस्था की जाये.

डेटा बनाकर रोजगार दें- कोर्ट ने कहा कि सभी राज्य सरकार बाहर से गये इन कामगारों के कौशल का आकलन करने के बाद उन्हें रोजगार उपलब्ध कराने के लिये इनके आंकड़ों का संग्रह करें. आंकड़े संग्रह करने के बाद इनके कौशल के हिसाब से नौकरी दी जाये.

Also Read: प्रवासी मजदूरों के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला नौ जून तक सुरक्षित रखा

केस वापस हो– सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि पैदल या किसी अन्य साधनों से घर जा रहे प्रवासी मजदूरों पर दर्ज मुकदमे को वापस लेने पर विचार करना चाहिए. उन्होंने केंद्र सरकार से कहा कि मजदूरों के ऊपर जो केस दर्ज किये हैं, उन्हें वापस लेने की दिशा में पहल हो. बता दें कि कई जगहों से मजदूरों के खिलाफ आपदा उल्लंघन की धारा में मुकदमा दर्ज होने की खबर सामने आते रहती है.

15 दिन में प्रवासी मजदूरों को घर भेजे– तीन जजों की बैंच ने सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार से कहा कि 15 दिन के भीतर प्रवासी मजदूरों को उनके घर भेजने की सुविधाएं प्रदान की जाये. कोर्ट ने कहा कि अगर कोई राज्य सरकार अगर श्रमिकों के लिये अतिरिक्त गाड़ियों की मांग करने वाले राज्यों को 24 घंटे के भीतर केन्द्र यह सुविधा उपलब्ध कराये.

8 जुलाई को अगली सुनवाई- सुप्रीम कोर्ट में आठ जुलाई को इस मामले में अगली सुनवाई है. इससे पहले, 26 मई को सुनवाई हुई थी, जिसमें कोर्ट ने प्रवासी मजदूरों को घर पहुंचाने के लिए दिशानिर्देश जारी किया था.

Posted By : Avinish kumar Mishra

Next Article

Exit mobile version