MCD Election Result: आम आदमी पार्टी की जीत और भाजपा की हार के पीछे क्या है कारण? 10 प्वाइंट में समझें

अपनी स्थापना के बाद AAP ने दिल्ली में 7 चुनाव लड़े. जिसमें चार में जीत दर्ज की और तीन में हार का सामना करना पड़ा. पहली बार 2013 में दिल्ली विधानसभा चुनाव, 2014 में लोस चुनाव, 2015 में विधानसभा चुनाव, 2017 में MCD चुनाव, 2019 में लोस चुनाव, 2020 में दिल्ली विधानसभा चुनाव और इस साल का MCD चुनाव.

आम आदमी पार्टी ने दिल्ली नगर निगम की सत्ता पर पिछले 15 साल से काबिज बीजेपी को बाहर का रास्ता दिखा दिया और एमसीडी चुनाव में रिकॉर्ड जीत दर्ज की. अरविंद केजरीवाल की अगुआई वाली आप पार्टी ने 250 में से 134 सीटों पर कब्जा किया. जबकि भारतीय जनता पार्टी को केवल 104 सीटें ही मिल पायीं. कांग्रेस की गिनती इस चुनाव में कहीं भी नहीं है. एमएसीडी चुनाव में जीत के साथ ऐसा कहा जा सकता है कि दिल्ली पर अब पूरी तरह से आम आदमी पार्टी का कब्जा हो गया है. आइये आप की इस रिकॉर्ड जीत के पीछे क्या कारण रहा है, उसे जानने की कोशिश करें.

1. एकीकृत होने के बाद पहली बार दिल्ली में नगर निगम के चुनाव हुए. इससे पहले नगर निगम तीन जोन में बंटा हुआ था. उत्तर, पूर्व और दक्षिण जोन. बीजेपी की 15 साल की पकड़ को इस बार सत्ता विरोधी लहर का सामना करना पड़ा.

2. अरविंद केजरीवाल की अगुआई वाली आम आदमी पार्टी ने पहली बार किसी भी चुनाव में सत्तारूढ़ बीजेपी को हराया है.

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3. अपनी स्थापना के बाद आम आदमी पार्टी ने दिल्ली में 7 चुनाव लड़े. जिसमें उसने चार में जीत दर्ज की और तीन में हार का सामना करना पड़ा. पहली बार 2013 में दिल्ली विधानसभा चुनाव, 2014 में लोकसभा चुनाव, 2015 में दिल्ली विधानसभा चुनाव, 2017 में MCD चुनाव, 2019 में लोकसभा चुनाव, 2020 में दिल्ली विधानसभा चुनाव और इस साल का MCD चुनाव.

4. एमसीडी चुनाव में आप और भाजपा के बीच वोट शेयर का अंतर केवल 3 प्रतिशत रहा.

5. 2017 के एमसीडी चुनाव की तुलना में AAP ने लगभग 16 प्रतिशत वोट शेयर हासिल किये. जबकि भाजपा ने अपना मूल मतदाता आधार बनाए रखा है और कुछ 3 प्रतिशत जोड़ा है.

6. एमसीडी में भ्रष्टाचार एक बड़ा चुनावी मुद्दा रहा है. आम आदमी पार्टी ने इसे एक बड़ा चुनावी अभियान बनाया. हालांकि भाजपा ने दिल्ली के मंत्रियों सत्येंद्र जैन और मनीष सिसोदिया के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों को उजागर करते हुए आप को घेरने की पुरजोर कोशिश की.

7. सत्येंद्र जैन के विधानसभा क्षेत्र शकूर बस्ती के तीनों नगर निगम वार्डों में भाजपा ने जीत दर्ज की है. जो सरस्वती विहार, पश्चिम विहार और रानी बाग हैं.

8. दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के विधानसभा क्षेत्र पटपड़गंज में एमसीडी के चार में से तीन वार्डों में भाजपा ने जीत हासिल की. भाजपा ने विनोद नगर, मंडावली और मयूर विहार फेज 2 लिया. चौथा, पटपड़गंज वार्ड, AAP के पास गया.

9. 2017 के एमसीडी चुनाव के बाद से कांग्रेस के वोट शेयर में लगभग 11 फीसदी की गिरावट आयी है. कांग्रेस को इसबार केवल 9 सीटों पर जीत हासिल हुई है.

10. ऐसा माना जा रहा है कि मुस्लिम वोट आप और कांग्रेस के बीच विभाजित हो गए. जिससे बीजेपी को कई वार्डों में फायदा हुआ है, खासकर उत्तर-पूर्वी दिल्ली में, जहां फरवरी 2020 के अंत में दंगे भड़के थे.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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