अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो जब यह पूछा गया कि क्या भारतीय पक्ष ने अमेरिका-ईरान जंग में पाकिस्तान द्वारा मध्यस्थ की भूमिका निभाने को लेकर कोई चिंता व्यक्त की है? इसपर उन्होंने कहा कि भारत हमेशा पाकिस्तान की जमीन से चल रहे आतंकी संगठनों को लेकर चिंता जताता है. ऐसा इसलिए क्योंकि ये ग्रुप भारत को निशाना बनाते हैं. उन्होंने कहा कि भारत की यह चिंता नई नहीं है.
आगे उन्होंने कहा कि अमेरिका-ईरान मुद्दे में पाकिस्तान की मध्यस्थ या सहयोगी भूमिका को लेकर भारत ने कोई खास आपत्ति नहीं जताई. रूबियो ने साफ कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच जो मुद्दे हैं, वे अलग नेचर के हैं. उनके मुताबिक, बातचीत में आतंकवाद और सुरक्षा चिंताएं जरूर उठीं, लेकिन ईरान मामले में पाकिस्तान की भूमिका पर कोई विवाद सामने नहीं आया. देखें मार्को रुबियो ने क्या कहा.
ईरान मुद्दे पर रूबियो ने क्या कहा?
ईरान मुद्दे पर रूबियो ने कहा कि बातचीत अभी जारी है और जल्द कोई बड़ी खबर आ सकती है. उन्होंने बताया कि होर्मुज स्ट्रेट खोलने और परमाणु मुद्दे पर तय समय सीमा के अंदर बातचीत को लेकर एक मजबूत प्रस्ताव तैयार है. रूबियो के मुताबिक, इस पहल को खाड़ी देशों और दुनिया के कई देशों का समर्थन मिल रहा है. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं करेंगे और खराब समझौता नहीं करेंगे.
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रूबियो ने अजीत डोभाल से मुलाकात की
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने रविवार (24 मई) को दिल्ली में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से मुलाकात की. इस दौरान भारत ने पाकिस्तान से चल रहे आतंकी नेटवर्क को लेकर गहरी चिंता जताई. सूत्रों के मुताबिक, डोभाल ने साफ कहा कि आतंकवाद सिर्फ एक सोच नहीं, बल्कि पूरा इकोसिस्टम बन चुका है. उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान में सक्रिय आतंकी ढांचा अब भी लगातार काम कर रहा है.
