गृहमंत्रालय ने राज्यों से पूछा लॉकडाउन को लेकर आपके क्या हैं सुझाव

गृह मंत्रालय ने देश में 21 दिनों के लॉकडाउन पर राज्य सरकारों के सुझाव मांगे हैं. अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि उनसे यह भी पूछा गया है कि क्या ज्यादा श्रेणी में लोगों और सेवाओं को बंद से छूट दी जा सकती है. इस तरह के संकेत हैं कि कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए बंद को दो हफ्ते और बढ़ाया जा सकता है. गृह मंत्रालय ने राज्य सरकारों और केंद्र शासित क्षेत्रों को भेजे गए पत्र में 24 मार्च को घोषित लॉकडाउन को कड़ाई से लागू करने के लिए उठाए गए कदमों से उन्हें अवगत कराया. इसने उन्हें बंद के दायरे से बाहर रखे गए लोगों और सेवाओं के बारे में भी जानकारी दी .

नयी दिल्ली : गृह मंत्रालय ने देश में 21 दिनों के लॉकडाउन पर राज्य सरकारों के सुझाव मांगे हैं. अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि उनसे यह भी पूछा गया है कि क्या ज्यादा श्रेणी में लोगों और सेवाओं को बंद से छूट दी जा सकती है. इस तरह के संकेत हैं कि कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए बंद को दो हफ्ते और बढ़ाया जा सकता है.

गृह मंत्रालय ने राज्य सरकारों और केंद्र शासित क्षेत्रों को भेजे गए पत्र में 24 मार्च को घोषित लॉकडाउन को कड़ाई से लागू करने के लिए उठाए गए कदमों से उन्हें अवगत कराया. इसने उन्हें बंद के दायरे से बाहर रखे गए लोगों और सेवाओं के बारे में भी जानकारी दी .

गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि मंत्रालय ने राज्य सरकारों और संघ शासित क्षेत्रों से कहा कि बंद के विभिन्न पहलुओं से उसे अवगत कराएं और यह भी बताएं कि क्या कुछ ज्यादा श्रेणी में लोगों ओर सेवाओं को प्रतिबंध से छूट दिए जाने की जरूरत है.

बिहार सहित कुछ राज्यों ने गृह मंत्रालय को पत्र का जवाब दिया है. राज्य सरकारों के सुझावों में ग्रामीण क्षेत्रों में निर्माण से जुड़ी गतिविधियों को अनुमति देना भी शामिल है.

केंद्र सरकार ने बंद की घोषणा करते हुए कहा था कि आवश्यक सामग्रियों की दुकानों को छूट दी थी. इसमें ऑनलाइन प्लेटफॉर्म सहित स्वास्थ्य, साफ-सफाई, पुलिस, मीडिया और बैंक को भी लॉकडाउन से छूट दी गई है. गृह मंत्रालय ने राज्यों और केंद्रशासित क्षेत्रों से कहा था कि कृषि गतिविधियां भी बंद से प्रभावित नहीं होंगी.

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By PankajKumar Pathak

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