बढ़ते कोरोना संक्रमण को लेकर एक बार फिर राज्य सख्त फैसले लेने लगे हैं. कई राज्यों में नाइट कर्फ्यू का ऐलान कर दिया गया है. छुट्टियों के दिन सार्वजनिक जगहों पर जाने से रोक लगायी जा रही है. सुप्रीम कोर्ट ने भी राज्यों को सतर्क रहने का आदेश दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य रूप से दिल्ली, महाराष्ट्र और गुजरात सरकार से सवाल किये. इन राज्यों ने सुप्रीम कोर्ट के सामने स्टेटस रिपोर्ट रखा था.
मध्य प्रदेश ने भी अपने नागरिक सुरक्षा की दिशा में कदम बढ़ाया है इंदौर की जिला प्रशासन ने सार्वजनिक कार्यक्रम में शामिल होने वालों की संख्या 250 तय कर दी है. इससे ज्यादा लोग कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सकेंगे. सिर्फ इतना ही नहीं कार्यक्रम का आयोजन करने से पहले इसकू पूरी जानकारी नजदीक के थाने में देनी होगी.
हिमाचल प्रदेश सरकार ने भी रात में कर्फ्यू लगाने का फैसला किया है. मंडी, शिमला, कुल्लू और कांगड़ा में 24 नवंबर से लेकर 15 दिंसबर तक रात में कर्फ्यू लगाया जायेगा. इतना ही नहीं सिर्फ 50 फीसद सरकारी कर्मचारियों को ही दफ्तर आने की इजाजत दी गयी है राज्य सरकार ने यह फैसला 31 दिसंबर तक के लिए दिया है.
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इस बीच कर्नाटक सरकार ने भी फैसला लिया है कि विशेषज्ञों की राय पर अभी हमने स्कूल बंद रखने का फैसला लिया है . मुख्यमंत्री बीएस येदुरप्पा ने कहा, विशेषज्ञों की सलाह पर 10वीं तक के स्कूल दिसंबर अंत तक बंद रहेंगे. ध्यान रहे कि सरकार आज स्कूल खोलने का फैसला लेने वाली थी लेकिन मौजूदा स्थिति को ध्यान में रखते हुए स्कूल बंद करने का फैसला लिया है.
दिवाली के बाद कोरोना संक्रमितों की संख्या में बढोतरी हुई है. गुजरात के बाद मध्यप्रदेश सरकार ने भी पांच शहरों में कर्फ्यू लगा दिया है. कई राज्य सार्वजनिक जगहों को भी बंद कर रहे हैं जहां भीड़ जमा हो सकती है. कई जगहों पर बाजार बंद कर दिया गया है.
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कोरोना का प्रभाव कम होने के बाद कई जगहों पर स्कूल , कॉलेज खोले जा रहे थे. जन जीवन सामान्य हो रहा था लेकिन कोरोना की दूसरी लहर ने एक बार फिर दस्तक दे दी है. हरियाणा के कई स्कूलों में कोरोना का संक्रमण फैल गया.
