राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पर ममता बनर्जी ने बोला हमला, तो गुस्से में पीएम मोदी ने कर दिया ऐसा ट्वीट

Mamata Banerjee attacked President Droupadi Murmu: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उत्तर बंगाल के जाहेरथान की दुर्दशा पर चिंता व्यक्त की, तो ममता बनर्जी ने महामहिम पर हमला बोल दिया. उन्होंने राष्ट्रपति पर राजनीति करने का आरोप लगाया. कोलकाता से ममता बनर्जी ने राष्ट्रपति पर हमला बोला, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करके तृणमूल सुप्रीमो पर निशाना साधा. किसने क्या कहा, यहां पढ़ें.

Mamata Banerjee attacked President Droupadi Murmu: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के एक दिवसीय पश्चिम बंगाल दौरे पर अब राजनीति शुरू हो गयी है. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनके स्वागत के लिए मुख्यमंत्री या किसी मंत्री के न आने पर हैरानी जतायी, तो ममता बनर्जी ने राष्ट्रपति पर राजनीति करने का आरोप लगाया. ममता बनर्जी के बयान पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है.

जाहेरथान की दुर्दशा पर राष्ट्रपति ने जतायी चिंता

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार को सिलीगुड़ी के बिधाननगर में जाहेरथान की दुर्दशा पर चिंता व्यक्त की. साथ ही कार्यक्रम की जगह बदलने पर भी आश्चर्य व्यक्त किया. इस पर कोलकाता में चीफ मिनिस्टर ममता बनर्जी ने उन पर व्यंग्यात्मक लहजे में हमला बोला.

ममता बनर्जी के हमले पर पीएम मोदी ने दी कड़ी प्रतिक्रिया

ममता बनर्जी के हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया दी. पीएम मोदी ने ट्वीट किया, ‘यह शर्मनाक और अभूतपूर्व है. लोकतंत्र और आदिवासी समुदायों के सशक्तिकरण में विश्वास करने वाला हर कोई निराश है. राष्ट्रपति जी, जो खुद एक आदिवासी समुदाय से हैं, ने जो दर्द और पीड़ा व्यक्त की है, उससे भारत के लोगों के मन में बहुत दुख हुआ है. पश्चिम बंगाल की टीएमसी सरकार ने वास्तव में सभी सीमाएं पार कर दी हैं. राष्ट्रपति के इस अपमान के लिए उनका प्रशासन जिम्मेदार है.’

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राष्ट्रपति से बोलीं ममता- मैडम, आपने SIR पर एक शब्द नहीं कहा

ममता बनर्जी ने राष्ट्रपति को संबोधित करते हुए कहा था कि आप राजनीति करना जानती हैं. हम राजनीति करना नहीं जानते. ममता बनर्जी ने कहा कि आपने एसआईआर पर तो एक शब्द नहीं कहा. ओल चिकि और संताली बोलने वाले कितने आदिवासियों के नाम वोटर लिस्ट से काटे गये हैं, आपको मालूम है मैडम! उन्होंने द्रौपदी मुर्मू से पूछा कि आपने अल्पसंख्यकों की कोई बात नहीं की. सिर्फ आदिवासियों की बात कही है.

हमने बिरसा मुंडा की जयंती पर छुट्टी दी है

ममता बनर्जी ने राष्ट्रपति से कहा कि पहले पता कर लीजिए कि आदिवासी समाज के लिए पश्चिम बंगाल सरकार ने क्या किया और अन्य राज्यों की सरकारों ने क्या किया. वेस्ट बंगाल की सीएम ने कहा कि हमने बिरसा मुंडा, रघुनाथ मुर्मू की जयंती पर छुट्टी की घोषणा की है. छठ पूजा पर 2 दिन छुट्टी देते हैं. उन्होंने कहा कि पहले जंगलराज था. लोग बाहर नहीं निकल पाते थे. तब आपलोग कहां थे.

जब नक्सलवाद के नाम पर खून-खराबा होता था, तब आप कहां थीं

तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ने कहा कि जब नक्सलवाद के नाम पर खून-खराबा होता था, तब आप कहां थीं. भाजपा कहां थी. आज जब शांतपूर्ण माहौल है, बीजेपी उसे खराब करना चाहती है. ममता बनर्जी ने कहा- इसलिए मैं आपसे निवेदन करती हूं कि आप ऐसा कुछ न बोलें, जो आपको शोभा नहीं देता. आप राष्ट्रपति हैं. आपके लिए सब समान हैं. हमने आदिवासी समाज विशेषकर संतालियों के लिए क्या-क्या काम किये हैं, उसका पूरा विवरण डेरेक ओब्रायन और सुदीप बंद्योपाध्याय के माध्यम से आपको भेजेंगे.

द्रौपदी मुर्मू ने ममता बनर्जी को बताया ‘छोटी बहन’

इससे पहले, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार को ममता बनर्जी को अपनी ‘छोटी बहन’ बताया और इस बात पर हैरानी जतायी कि क्या पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री किसी बात को लेकर ‘नाराज’ हैं. उत्तर बंगाल दौरे के दौरान उनका स्वागत करने के लिए न तो मुख्यमंत्री आयीं, न ही कोई अन्य मंत्री वहां मौजूद थे. द्रौपदी मुर्मू ने सिलीगुड़ी के पास बिधाननगर में आदिवासियों की एक सभा को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं.

बागडोरा एयरपोर्ट के पास कार्यक्रम में शामिल हुईं राष्ट्रपति

कार्यक्रम में शामिल होने से पहले राष्ट्रपति दिन में बागडोगरा हवाई अड्डे के पास गोसाईंपुर में एक कार्यक्रम में शामिल हुईं. उन्होंने आदिवासी समाज के वार्षिक कार्यक्रम के आयोजन स्थल को बिधाननगर से गोसाईंपुर स्थानांतरित करने पर भी सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि अगर कार्यक्रम बिधाननगर में आयोजित होता, तो बेहतर होता.

शायद आदिवासियों का कल्याण नहीं चाहती राज्य सरकार – राष्ट्रपति

राष्ट्रपति ने कहा कि यहां पर्याप्त जगह है. यहां 5 लाख लोग आ सकते थे. द्रौपदी मुर्मू ने कहा- मुझे नहीं पता कि प्रशासन ने वहां कार्यक्रम की अनुमति क्यों नहीं दी. आज का कार्यक्रम ऐसी जगह पर हो रहा है, जहां लोगों का आना मुश्किल है. शायद राज्य सरकार आदिवासियों का कल्याण नहीं चाहती और इसलिए उन्हें यहां आने से रोका गया.

आदिवासी समाज के वार्षिक कार्यक्रम में आमंत्रित थीं द्रौपदी मुर्मू

द्रौपदी मुर्मू को आदिवासी समाज के वार्षिक कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया था. मूल रूप से कार्यक्रम सिलीगुड़ी के बिधाननगर में आयोजित होने वाला था. बाद में अधिकारियों ने सुरक्षा और अन्य व्यवस्था संबंधी कारणों का हवाला देते हुए कार्यक्रम स्थल को बागडोगरा हवाई अड्डे के पास गोसाईंपुर कर दिया.

मुख्यमंत्री या किसी मंत्री ने नहीं की राष्ट्रपति की अगवानी

शनिवार दोपहर जब राष्ट्रपति कार्यक्रम स्थल पर पहुंचीं, तो वहां केवल कुछ ही लोग मौजूद थे. सिलीगुड़ी के महापौर गौतम देब एकमात्र जनप्रतिनिधि थे, जो एयरपोर्ट पर राष्ट्रपति का स्वागत करने पहुंचे थे. प्रोटोकॉल के अनुसार, राष्ट्रपति का स्वागत करने के लिए आमतौर पर मुख्यमंत्री या राज्य सरकार का कोई मंत्री आता है. कोलकाता में ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची से मनमाने ढंग से नाम हटाये जाने के विरोध में लगातार दूसरे दिन भी अपना धरना जारी रखा.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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