खास बातें
Jhargram Election Booth Ramlal Elephant: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण के मतदान के दौरान जंगलमहल के झारग्राम में एक दिलचस्प नजारा देखने को मिला. गुरुवार सुबह जब जितुशोल प्राथमिक विद्यालय के मतदान केंद्र पर वोटिंग की प्रक्रिया शुरू ही हुई थी, तभी इलाके का चर्चित हाथी ‘रामलाल’ वहां आ धमका.
‘रामलाल’ को देख स्तब्ध रह गये वोटर
भारी-भरकम ‘रामलाल’ को अपने बीच पाकर न केवल मतदाता स्तब्ध रह गये, बल्कि मतदानकर्मियों की सांसें भी कुछ पल के लिए अटक गयीं. हालांकि, इस दौरान न कोई अफरा-तफरी मची और न ही किसी ने शोर किया, बस कुछ मिनटों के लिए लोकतंत्र की रफ्तार पर ब्रेक लग गया.
बगैर नारे और भीड़ के ‘रामलाल’ का शक्ति प्रदर्शन
सियासी अखाड़े में नेताओं की बयानबाजी और रैलियों के बीच ‘रामलाल’ का आगमन किसी ‘मौन शक्ति प्रदर्शन’ जैसा था. बूथ पर मतदाता धीरे-धीरे जुटने लगे थे, तभी घने जंगलों से निकलकर रामलाल सीधे बूथ के करीब पहुंच गया.
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थम गयी कतार, वन विभाग मुस्तैद
कतार के पास से गुजरते गजराज को देख लोगों ने अपनी जगह थाम ली. सबकी निगाहें ईवीएम छोड़कर इस अप्रत्याशित मेहमान पर टिक गयीं. लोढ़ाशुली रेंज के वन अधिकारियों ने बिना देरी किये मोर्चा संभाला. हाथी को सावधानीपूर्वक सुरक्षित दूरी की ओर मोड़ दिया गया, जिसके बाद मतदान दोबारा सुचारु रूप से शुरू हुआ.
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हाथियों को रोकने के लिए तैनात था ‘ऐरावत’ और ‘हल्ला’ दल
जंगलमहल में इंसानों और वन्यजीवों का संघर्ष पुराना है. इसलिए प्रशासन ने इस चुनौती के लिए पहले से ही विशेष तैयारी कर रखी थी. संवेदनशील क्षेत्रों में हाथियों की निगरानी के लिए त्वरित कार्रवाई दल (QRT) तैनात थे.
वन विभाग ने अपने ‘ऐरावत’ वाहनों को सक्रिय रखा था, ताकि भटके हुए हाथियों को आबादी वाले इलाकों से दूर रखा जा सके. आमतौर पर भीड़ नियंत्रण में जुटने वाले अनुभवी ‘हल्ला’ दलों को इस बार हाथियों को मतदान केंद्रों से दूर रखने की जिम्मेदारी दी गयी थी.
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इलाके के लिए ‘अजनबी’ नहीं रामलाल
ग्रामीणों के मुताबिक, रामलाल झारग्राम, पश्चिम मेदिनीपुर और बांकुड़ा के जंगलों का नियमित यात्री है. वह अक्सर पड़ोसी राज्यों ओडिशा और झारखंड तक विचरण करता है. ग्रामीण उसे डराने की बजाय धान, फल और सब्जियां देकर उसका स्वागत करते हैं. यही वजह है कि मतदान केंद्र पर उसकी मौजूदगी डरावनी नहीं, कौतूहल भरी रही.
मतदान अपडेट : 3 बजे तक 78.77 प्रतिशत वोट
इस रोचक घटनाक्रम के बीच राज्य की 152 सीटों पर मतदान का उत्साह बरकरार है. दोपहर 3 बजे तक लगभग 78.77 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है. छिटपुट घटनाओं को छोड़कर पहले चरण की चुनावी प्रक्रिया फिलहाल शांतिपूर्ण बनी हुई है. झारग्राम के बूथों पर अब सामान्य स्थिति है और लोग भारी संख्या में अपने मताधिकार का प्रयोग करने पहुंच रहे हैं.
