Farmers Protest भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने रविवार को एक बार फिर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है. बीकेयू नेता राकेश टिकैत ने कहा कि तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ जारी किसानों के आंदोलन के दौरान अब तक लगभग 750 अन्नदाताओं की मौत हुई है. राकेश टिकैत ने कहा कि इतनी संख्या में किसानों के मौत के बावजूद भारत सरकार की ओर से कोई शोक व्यक्त नहीं किया गया.
न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने साथ ही कहा कि देश के अन्नदाताओं को लगता है कि शायद पीएम मोदी ‘किसान’ पीएम नहीं हैं और उन्हें यानि किसानों को लगता है कि वे देश से अलग है.
बता दें कि बीकेयू नेता राकेश टिकैत ने किसानों और अन्य नेताओं के साथ गाजीपुर प्रदर्शन स्थल पर ही मारे गए किसानों और जवानों को याद करते हुए दिवाली मनाई थी. इस दौरान आंदोलनकारी किसानों ने ड्यूटी निभाने के दौरान शहीद हुए सैनिकों के लिए ‘दो दिए, शहीदों के लिए नामक एक कार्यक्रम भी आयोजित किया था. एनडीटीवी से बात करते हुए राकेश टिकैत ने कहा था कि केंद्र सरकार ने किसानों से आखिरी बार 22 जनवरी को बात की थी. उन्होंने कहा कि किसानों ने सरकार को 26 नवंबर तक का अल्टीमेटम दिया है, उस तारीख तक किसानों के विरोध का एक साल होगा.
इस दौरान राकेश टिकैत ने यह भी आगाह किया कि किसान अपने ट्रैक्टरों के साथ दो घंटे के स्टैंडबाय मोड पर हैं. जब उनसे पूछा गया कि आखिरकार किसान आंदोलन कितने दिनों तक चलेगा तो टिकैत ने कहा, अगर सरकारें पांच साल चल सकती हैं, तो विरोध भी 5 साल तक चल सकता है.
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