विशाखापत्तनम में जूनियर डॉक्टरों की 8 दिन से हड़ताल, जानिए क्या हैं उनकी 3 प्रमुख मांगें

Junior Doctors Protest: विशाखापत्तनम में जूनियर डॉक्टर पिछले 8 दिनों से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. वे स्टाइपेंड (भत्ते) में बढ़ोतरी और रिटायरमेंट की उम्र से जुड़े मुद्दों को लेकर विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं.

Junior Doctors Protest: आंध्र मेडिकल कॉलेज में पोस्ट-ग्रेजुएशन के दूसरे वर्ष के छात्र डॉ आकाश ने प्रदर्शन को लेकर बताया, "हम लोग 8 दिनों से हड़ताल पर हैं. हमारी तीन मांगें हैं. सबसे अहम मांग स्टाइपेंड में बढ़ोतरी है. असल में, सरकारी आदेश (G.O.) के मुताबिक, हर दो साल में हमारा स्टाइपेंड एक निश्चित प्रतिशत से बढ़ना चाहिए. जनवरी 2024 से हम स्टाइपेंड बढ़ाने के लिए सरकार और संबंधित अधिकारियों को लगातार ईमेल और पत्र भेज रहे थे. लेकिन हमें किसी से कोई जवाब नहीं मिला. इसलिए, अगस्त में हमने तय किया कि हड़ताल करने पर ही हमें कोई जवाब मिलेगा."


नॉन-इमरजेंसी और इमरजेंसी ड्यूटी से हटे डॉक्टर

एनेस्थीसिया में पोस्ट-ग्रेजुएशन के दूसरे वर्ष की छात्रा डॉ कस्तूरी ने कहा, "हमारी हड़ताल की तीन मुख्य मांगें हैं। पहली, स्टाइपेंड में 30% की बढ़ोतरी. दूसरी, MSc और PhD ग्रेजुएट्स की भर्ती सिर्फ NMC के नियमों के अनुसार हो. तीसरी, रिटायरमेंट की उम्र 62 से बढ़ाकर 65 करने के जो प्रस्ताव है, उसे वापस लेकर पहले जैसा किया जाए. हम 1 जनवरी से ही अपने वरिष्ठ अधिकारियों को लगातार आधिकारिक पत्र दे रहे हैं और यह हड़ताल बहुत व्यवस्थित तरीके से की जा रही है. आज से हम अपनी नॉन-इमरजेंसी और इमरजेंसी, दोनों तरह की ड्यूटी से हट रहे हैं."


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लेखक के बारे में

By अरबिंद कुमार मिश्रा

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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