झारखंड में छात्रों पर लाठीचार्ज : अभिजीत दीपके की 3 लाइन की पोस्ट पर भड़के यूजर्स ने पूछा- जंतर-मंतर वाला तेवर कहां गया?

झारखंड में सोमवार को JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक के खिलाफ सड़क पर उतरे छात्रों पर पुलिस ने जमकर लाठियां बरसाईं. नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़ा आंदोलन खड़ा करने वाले अभिजीत दीपके की भी इस घटना पर प्रतिक्रिया आई है. लेकिन हैरानी की बात यह है कि देश भर के छात्रों की आवाज बनने वाले दीपके ने इस पूरी हिंसा पर महज तीन लाइनें ही खर्च कीं.

वही अभिजीत दीपके हैं जिन्होंने नीट धांधली के खिलाफ देश भर के युवाओं को लामबंद कर दिया था और सीधे शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़ गए थे. लेकिन झारखंड के आक्रोशित छात्रों के मामले में वे सिर्फ 'आभासी' यानी सोशल मीडिया तक ही सीमित नजर आए. अब जब रांची की सड़कों पर छात्र पीटे गए, तो दीपके केवल तीन लाइन के सवाल पूछकर खामोश हो गए.

छात्रों पर लाठीचार्ज पर क्या बोले अभिजीत दीपके?

झारखंड में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज का जिक्र करते हुए 'कॉकरोच जनता पार्टी' के संस्थापक अभिजीत दीपके ने अपने X पर जो पोस्ट किया है, उसमें उनके तेवर जंतर-मंतर वाले नहीं, बल्कि बेहद नरम नजर आ रहे हैं. उनके शब्दों में वह तल्खी गायब है जो दिल्ली के आंदोलन में दिखती थी. आप खुद उनकी पोस्ट पढ़कर अंदाजा लगा सकते हैं कि उन्होंने झारखंड के पिटते छात्रों के पक्ष में क्या लिखा.


"झारखंड में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ इतनी बेरहमी से बल का इस्तेमाल क्यों किया जा रहा है? जब राजनीतिक पार्टियां प्रदर्शन करती हैं, तो पुलिस को लाठीचार्ज या आंसू गैस का इस्तेमाल करते हुए नहीं देखा जाता. तो फिर छात्रों के खिलाफ ही बार-बार इस तरह बल का इस्तेमाल क्यों किया जाता है?"

दीपके पर भड़के यूजर्स

अभिजीत दीपके के पोस्ट पर सोशल मीडिया यूजर्स की नाराजगी साफ देखी जा सकती है. @hk_565 के यूजर ने लिखा, "अगर हिम्मत है, तो पार्टी और मंत्री का नाम लो. तुम बस नई पैकेजिंग में आया हुआ पुराना प्रोडक्ट हो." @callmesarc नाम के यूजर ने लिखा, "राज्य सरकार, राहुल गांधी और वहां जो भी सत्ता में है, उन्हें टैग करें, इतने डरपोक मत बनिए." एक अन्य यूजर ने दीपके से पूछा, "आप NEET विरोध के समय की तरह CM के इस्तीफे की मांग क्यों नहीं करते? क्या इस्तीफे की आपकी मांग सिर्फ केंद्र सरकार के लिए होती है और दूसरी राजनीतिक पार्टियों की सरकार के मामले में बदल जाती है? अगर आपकी कोई राजनीतिक महत्वाकांक्षा या समर्थन नहीं है, तो यह चुनिंदा आक्रोश क्यों?"


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लेखक के बारे में

By अरबिंद कुमार मिश्रा

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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