Jammu Kashmir: आतंकी साजिश मामले में एनआईए के बड़ी कार्रवाई, दक्षिण कश्मीर के कई जगहों पर छापेमारी

एनआईए, नव गठित समूह द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ), यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट जम्मू एंड कश्मीर (यूएलएफजेएंडके), मुजाहिदीन गजवत-उल-हिंद (एमजीएच), जम्मू एंड कश्मीर फ्रीडम फाइटर्स (जेकेएफएफ), कश्मीर टाईगर्स, पीएएफ सहित अन्य की जांच कर रही है.

Jammu Kashmir: नेशनल इन्वेस्टीगेशन एजेंसी (एनआईए) ने केंद्र शासित प्रदेश में संचालित हो रहे पाकिस्तान समर्थित आतंकी समूहों की नव स्थापित यूनिट्स के खिलाफ कार्रवाई करते हुए आज कश्मीर घाटी में पांच स्थानों पर छापा मारा. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. जम्मू कश्मीर में बम, आईईडी और छोटे हथियारों से सिलसिलेवार हमले करने की आतंकवादियों की साजिश की जांच के तहत एजेंसी ने दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग, शोपियां और पुलवामा जिलों में यह अभियान चलाया.

संदिग्ध डेटा वाले कई डिजिटल उपकरण जब्त

एनआईए प्रवक्ता ने एक बयान में कहा कि सुबह में शुरू किये गए तलाशी अभियान के तहत एनआईए ने कश्मीरी आतंकी समूहों की नव स्थापित इकाइयों और संबद्ध संगठनों के हाईब्रिड आतंकियों, तथा आतंकवादियों को मदद पहुंचाने वालों’’ के घरों पर छापा मारा. हाईब्रिड आतंकी, अपने आकाओं द्वारा सौंपे गये खास राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को अंजाम देते हैं. बयान में कहा गया है, इन संगठनों के प्रति सहानुभूति रखने वालों और इनके सदस्यों के परिसरों पर भी छापा मारा गया. इसमें कहा गया है कि इस दौरान बड़ी मात्रा में संदिग्ध डेटा वाले कई डिजिटल उपकरण जब्त किये गए.

गोलाबारूद के संग्रहण एवं वितरण में संलिप्तता का संदेह

एनआईए, नव गठित समूह द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ), यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट जम्मू एंड कश्मीर (यूएलएफजेएंडके), मुजाहिदीन गजवत-उल-हिंद (एमजीएच), जम्मू एंड कश्मीर फ्रीडम फाइटर्स (जेकेएफएफ), कश्मीर टाईगर्स, पीएएफ सहित अन्य की जांच कर रही है. ये समूह पाकिस्तान से संचालित हो रहे आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा, जैश ए मोहम्मद, हिज्बुल मुजाहिदीन, अल बद्र, अलकायदा आदि से संबद्ध हैं. एनआईए ने बयान में कहा, जम्मू कश्मीर में आतंक, हिंसा, और विध्वंसक गतिविधियों को लेकर इन सभी (आतंकी) सदस्यों की जांच की जा रही है. एनआईए को स्टिकी बम/मैग्नेटिक बम, आईईडी, धन, मादक पदार्थ और हथियार/गोलाबारूद के संग्रहण एवं वितरण में इनकी संलिप्तता का संदेह है.

ड्रोन का भी कर रहे हैं इस्तेमाल

एजेंसी ने इन समूहों के खिलाफ पिछले साल 21 जून को स्वत: संज्ञान लेते हुए जांच शुरू की थी. बयान में कहा गया है, एनआईए की जांच के अनुसार, साजिश में शामिल पाकिस्तान स्थित आतंकियों के आका लोगों के बीच आतंक फैलाने के लिए कई सोशल मीडिया मंचों का इस्तेमाल करते हैं. वे कश्मीर घाटी में अपने एजेंट एवं सदस्यों को हथियार/गोलाबारूद, विस्फोटक, मादक पदार्थ आदि भेजने के लिए ड्रोन का भी इस्तेमाल कर रहे हैं.

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