अब इस इस्लामिक संगठन ने भी किया किसान आंदोलन का समर्थन कहा, कॉरपोरेट घरानों के फायदे का कानून

किसान आंदोलन लगातार तेज हो रहा है. दूसरे राज्यों से भी किसान अब एकजुट होने लगे हैं. सरकार लगातार कोशिश कर रही है कि नये कानून के फायदों को किसानों को समझा सके लेकिन किसान इस कानून को वापस लेने की मांग पर अड़े हैं. अब जमात-ए-इस्लामी हिंद (जेआईएच) ने किसान आंदोलन को अपना समर्थन दे दिया है.

किसान आंदोलन लगातार तेज हो रहा है. दूसरे राज्यों से भी किसान अब एकजुट होने लगे हैं. सरकार लगातार कोशिश कर रही है कि नये कानून के फायदों को किसानों को समझा सके लेकिन किसान इस कानून को वापस लेने की मांग पर अड़े हैं. अब जमात-ए-इस्लामी हिंद (जेआईएच) ने किसान आंदोलन को अपना समर्थन दे दिया है.

इस आंदोलन को समर्थन देते हुए जमात -ए-कइस्लामी हिंद ने कहा, बहुराष्ट्रीय कंपनियों और कॉरपोरेट घरानों को लाभ देने के लिए देश के कृषि कानूनों को बदला जा रहा है. किसानों की मांग पर सरकार को ध्यान देना चाहिए. आज किसान सड़क पर हैं अपनी मांगों के लिए आंदोलन कर रहे हैं ऐसे में हमारी संस्था इनके साथ खड़ी है.

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संस्था के उपाध्यक्ष मोहम्मद सलीम इंजीनियर ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा, केंद्र के नये कृषि कानूनों के विरोध में आंदोलनरत किसानों को जेआईएच समर्थन देता है. इंजीनियर ने कहा, “देश के कृषि कानूनों को बदलना बहुराष्ट्रीय कंपनियों और कॉरपोरेट घरानों को फायदा पहुंचाने की योजना का हिस्सा है.”

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जेआईएच के उपाध्यक्ष ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा अंतर-धार्मिक विवाह पर लाए गए अध्यादेश की भी आलोचना की. उन्होंने कहा कि इससे एक समुदाय को निशाना बनाया गया है.

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