Indian Army: भारतीय सेना ने कसौली ( हिमाचल प्रदेश) से लेह ( लद्दाख ) तक पर्यावरण को बचाने के लिए ग्रीन मिशन कैंपेन (Campaign) की शुरुआत की है.एएनआई न्यूज एजेंसी के मुताबिक, भारतीय सेना की सेंट्रल कमांड के जनरल ऑफिसर (कमांडिंग इन चीफ) अनिंद्य सेनगुप्ता ने कहा कि यह यात्रा 11 दिनों चलेगी. जिसमें हिमाचल प्रदेश के दुर्मग इलाकों से होते हुए लद्दाख के लेह तक लगभग 1663 किलोमीटर की दूरी तय की जाएगी.
ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ ने सूर्य ग्रीन हिमालयन ओडिसी को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया
उत्तर भारत क्षेत्र के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (General Officer Commanding) लेफ्टिनेंट जनरल डीजी मिश्रा ने बताया कि यह यात्रा पर्यावरण संरक्षण और ई-मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए किया जा रहा है. उन्होंने सूर्य ग्रीन हिमालयन ओडिसी को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. उन्होंने कहा कि यह भारतीय सेना, गोल्डन की डिवीज़न और सूर्य कमांड का ज्वाइंट कैंपेन (Campaign) है. यह यात्रा हिमाचल प्रदेश के कसौली से शुरू होगी. जो सुमदो और कुंजुम ला दर्रे से होते हुए हानले, तंगत्से और आखिर में लेह तक जाएगी.जिसकी कुल दूरी लगभग 1663 किलोमीटर है, इसका मुख्य उद्देश्य टाटा के इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) की क्षमताओं को परखना और ऐसे मुश्किल माहौल में उसके परफॉर्मेंस की जांच करना है. इस अभियान का आयोजन भारतीय सेना की सूर्य कमांड ने टाटा मोटर्स, हिमाचल टूरिज्म, लेह टूरिज्म डिपार्टमेंट और भारत के सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के सहयोग से किया गया है.
सेना कहा- जीरो-एमिशन वाला देश बनने और अपना कार्बन फुटप्रिंट कम करने का विजन
उत्तर भारत के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल डीजी मिश्रा ने कहा कि भारतीय सेना ने भारत सरकार के नेट जीरो (Net Zero) लक्ष्य के अनुरूप अपने कार्बन फ़ुटप्रिंट को कम करने और ज़ीरो-एमिशन (शून्य-उत्सर्जन) वाली सेना बनने के लिए वर्ष 2047 का विज़न तय किया है. इसी परिपेक्ष्य में इसी मुहिम की शुरूआत की गई है, जो प्रधानमंत्री का एक अहम लक्ष्य है.
