विदेश मंत्रालय ने यूक्रेनी राजदूत से कहा, "निर्दोष आम नाविकों की जान को खतरे में डालने वाली ऐसी कार्रवाई कतई मंजूर नहीं है. इससे बचा जाना चाहिए." भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग की सुरक्षा, नेविगेशन की स्वतंत्रता और वैश्विक व्यापार पर इस तरह के हमलों के पड़ने वाले बुरे प्रभावों पर जोर दिया. राजदूत से अनुरोध किया गया है कि वे भारत की इस गंभीर चिंता से यूक्रेन की सरकार को तुरंत अवगत कराएं.
जहाज पर सवार थे तीन भारतीय, दो सुरक्षित
विदेश मंत्रालय के अनुसार, जिस वक्त 'एमवी ओमोर्फी' पर हमला हुआ, उस पर तीन भारतीयों समेत चालक दल के 10 सदस्य मौजूद थे. यह पोत कथित तौर पर रूस के समुद्री सीमा क्षेत्र से गुजर रहा था. इस हमले में एक भारतीय की मौत हो गई, जबकि दो अन्य भारतीय नागरिक सुरक्षित हैं.
अनाज ले जा रहे जहाज पर रूसी हमले को लेकर भी भारत ने दिया था बयान
यह घटना यूक्रेन तट के पास एक अन्य वाणिज्यिक जहाज पर हुए रूसी हमले के कुछ ही दिनों बाद सामने आई है, जिसमें चार भारतीयों समेत 10 लोगों की जान चली गई थी. उस घटना पर मास्को ने दावा किया था कि जहाज पर सैन्य साजोसामान मौजूद था, लेकिन भारत ने शुक्रवार को यह स्पष्ट करते हुए कि जहाज में अनाज लदा हुआ था, रूस के दावे को खारिज कर दिया था. भारत ने सभी पक्षों से अंतरराष्ट्रीय नियमों और दायित्वों का पालन करने और समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है.
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