मध्य प्रदेश के 79 फीसदी लोगों में बनी कोरोना एंटीबॉडीज, केरल में सबसे कम, ICMR रिपोर्ट में हुआ खुलासा

ICMR Sero Survey Report: मध्य प्रदेश और राजस्थान में ऐसे लोगों की संख्या ज्यादा है, जिनके शरीर के अंदर COVID-19 एंटीबॉडी बनी है. इसके बाद बिहार, गुजरात और छत्तीसगढ़ का नंबर आता है.

ICMR Sero Survey Report: इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (Indian Council of Medical Research) की पिछले महीने कराए गए सीरो सर्वे रिपोर्ट जारी हुई है. इसके मुताबिक, मध्य प्रदेश और राजस्थान में ऐसे लोगों की संख्या ज्यादा है, जिनमें COVID-19 एंटीबॉडी बनी है. रिपोर्ट के मुताबिक, सबसे कम एंटीबॉडी केरल के लोगों में पाई गई है, जो कुल आबादी का महज 44 फीसदी ही है.

द हिन्दू के मुताबिक, रिपोर्ट में कहा गया है कि राजस्थान के विभिन्न शहरों से जून-जुलाई में कुल 1 हजार 226 रैंडम सैंपल लिए गए, जिनका परीक्षण किया गया तो 934 नमूनों में एंटीबॉडी पाए गए. इससे यह संकेत मिलता है कि राज्य के लोगों में कोरोना एंटीबॉडीज मौजूद है.

सीरो सर्वे रिपोर्ट में कहा गया है कि राजस्थान में कोरोना की दूसरी लहर के दौरान अप्रैल, मई और मध्य जून तक करीब 6 लाख मामले मिले. इस दौरान 6 हजार से अधिक लोगों की मौत हो गई.

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रिपोर्ट के मुताबिक, मध्य प्रदेश अपनी 79 प्रतिशत आबादी में एंटीबॉडी के साथ पहले नंबर पर है. राजस्थान 76.2 प्रतिशत के साथ दूसरे, बिहार 75.9 प्रतिशत के साथ तीसरे, गुजरात 75.3 प्रतिशत के साथ चौथे, छत्तीसगढ़ 74.6 प्रतिशत के साथ पांचवें, उत्तराखंड 73.1 प्रतिशत के साथ छठे, उत्तर प्रदेश 71 प्रतिशत सीरो प्रसार के साथ सातवें और आंध्र प्रदेश 70.2 प्रतिशत सीरो प्रसार के साथ आठवें नंबर पर है.

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ICMR की तरफ से सीरो-सर्वेक्षण को पूरे देश में कोरोना वायरस के प्रसार की सीमा को पकड़ने के लिए डिज़ाइन किया गया था. इसलिए सर्वेक्षण के निष्कर्ष जिलों और यहां तक कि राज्यों के बीच भी व्यापकता की विविधता को दर्शाते नहीं हैं.

Posted by : Achyut Kumar

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